उत्तराखंड के धराली में मंगलवार, 5 अगस्त, 2025 को बादल फटने के कारण आई भयंकर बाढ़ और भूस्खलन के बाद, बचाव कार्य चौथे दिन भी जारी है। अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 100 से ज़्यादा लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है।
रास्ता खुलने में अभी 3-4 दिन और लग सकते हैं, जिसके कारण रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी तरह से शुरू होने में लगभग 4 दिन का समय और लग सकता है। अब तक 70 लोगों को बचाया गया है, लेकिन बड़ी संख्या में लापता लोगों की तलाश अभी भी जारी है। बचाव दलों को इस समय सबसे बड़ी चुनौती मलबे तक पहुँचने और उसे हटाने में आ रही है।

बचाव कार्य की वर्तमान स्थिति
- लापता लोग: माना जा रहा है कि 100 से 150 लोग अभी भी मलबे में दबे हो सकते हैं।
- मलबा और मशीनें: 80 एकड़ के क्षेत्र में 20 से 50 फीट तक मलबा फैला हुआ है। इसे हटाने के लिए फिलहाल केवल 3 जेसीबी मशीनें लगी हैं।
- बड़ी मशीनों में देरी: मलबे के नीचे दबे लोगों को खोजने के लिए जरूरी हाईटेक थर्मल सेंसिंग उपकरण और बड़ी मशीनें पिछले 2 दिनों से 60 किलोमीटर दूर भटवाड़ी में फँसी हुई हैं।
- सड़क मार्ग बाधित: उत्तरकाशी से गंगोत्री को जोड़ने वाली एकमात्र सड़क धराली से होकर गुजरती है, लेकिन यह कई जगहों पर टूट गई है। हर्षिल से धराली के बीच 3 किमी का रास्ता 4 जगहों पर पूरी तरह खत्म हो चुका है। भटवाड़ी से हर्षिल के बीच भी लैंडस्लाइड और एक पुल टूटने से रास्ता बंद है।