भारत ने मानवीय आधार पर पाकिस्तान को एयरस्पेस दिया: श्रीलंका के लिए राहत सामग्री ले जा रहे विमान को सुरक्षित रास्ता
तूफान दितवाह से तबाह हुए श्रीलंका को तात्कालिक सहायता पहुंचाने के लिए पाकिस्तान ने भारत से ओवरफ्लाइट की अनुमति मांगी थी। भारत ने मानवीय आधार पर इस अनुरोध को केवल 4 घंटे के भीतर स्वीकृति दे दी। यह मंजूरी ऐसे समय में दी गई, जब दोनों देशों के बीच एयरस्पेस को लेकर तनाव बना हुआ है।
पाकिस्तान की रिक्वेस्ट और भारत की त्वरित मंजूरी
सोमवार दोपहर लगभग 1 बजे पाकिस्तान ने औपचारिक रूप से भारतीय एयरस्पेस इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी थी। यह उड़ान मानवीय राहत सामग्री लेकर श्रीलंका जा रही थी। भारत ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फ़ौरन प्रक्रिया शुरू की और शाम 5:30 बजे आधिकारिक चैनलों के माध्यम से अनुमति प्रदान कर दी।
इस फैसले की खास बात यह है कि पाकिस्तान अभी भी भारतीय एयरलाइंस के लिए अपना एयरस्पेस बंद रखे हुए है, इसके बावजूद भारत ने मानवीय कारणों को प्राथमिकता दी।
एयरस्पेस विवाद की पृष्ठभूमि
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों देशों में तनाव बढ़ा।
- 24 अप्रैल को पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद किया।
- 30 अप्रैल को भारत ने भी पाकिस्तान में रजिस्टर्ड विमानों के लिए अपने एयरस्पेस पर रोक लगा दी।
पहले रोजाना 100–150 भारतीय विमान पाकिस्तान के ऊपर से गुजरते थे, लेकिन हमले के बाद यह रास्ता बंद कर दिया गया।
पाकिस्तानी मीडिया के दावे और भारतीय प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के कुछ मीडिया संस्थानों ने यह दावा किया कि भारत ने ओवरफ्लाइट मंजूर करने से इनकार कर दिया है। इसके बाद भारतीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये दावे गलत, भ्रामक और वास्तविकता से परे हैं। अधिकारियों ने कहा कि भारत ने बिना किसी देरी के मानवीय आधार पर अनुमति जारी की।
श्रीलंका में दितवाह तूफान की तबाही
चक्रवात दितवाह ने श्रीलंका में भीषण तबाही मचाई है—
- 334 लोगों की मौत की पुष्टि,
- 370 लोग अभी भी लापता,
- 11 लाख से अधिक आबादी प्रभावित,
- लगभग 2 लाख लोग सुरक्षित आश्रयों में रहने को मजबूर।
बाढ़, तेज़ हवाओं और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान ने हालात को बेहद गंभीर बना दिया है।
भारत का राहत अभियान — ‘ऑपरेशन सागर बंधु’
भारत ने श्रीलंका की मदद के लिए बड़े स्तर पर राहत अभियान शुरू किया है।
राहत सामग्री की कुल मात्रा 53 टन है, जिसमें शामिल हैं—
- टेंट, तिरपाल और कंबल
- हाइजीन किट और रेडी-टू-ईट भोजन
- दवाइयां, सर्जिकल उपकरण
- मेडिकल टीम और NDRF की 80 सदस्यीय विशेष टीम
भारतीय नौसेना के जहाज और वायुसेना के तीन एयरक्राफ्ट लगातार राहत सामग्री पहुंचा रहे हैं।
मानवीय कूटनीति का उदाहरण
भारत का यह कदम बताता है कि कठिन परिस्थितियों में मानवीय सहायता राजनीतिक तनाव से ऊपर होती है। विवादों के बावजूद भारत ने पाकिस्तान की उड़ान को सुरक्षित रास्ता देकर यह संदेश दिया कि आपदा की घड़ी में मानवीय मूल्य सर्वोच्च होते हैं।