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पोस्टरों से कर रहे तलाश, पुलिस पर सवाल, सीएम से लगाई मदद की गुहार

ग्वालियर में ट्राइबल वेलफेयर विभाग के रिटायर्ड डिप्टी कमिश्नर के ड्राइवर रामकुमार शर्मा की पत्नी पद्मा शर्मा (61) बीते 31 अगस्त की सुबह घर से निकलीं और उसके बाद से अब तक लापता हैं। पति रामकुमार ने विश्वविद्यालय थाना पुलिस को इसकी सूचना दी, लेकिन उनका आरोप है कि तलाश में पुलिस ढिलाई बरत रही है। मजबूर होकर उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मदद की मांग की है।

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परिवार खुद जुटा रहा सुराग
पुलिस की धीमी कार्रवाई से नाराज होकर रामकुमार अपने बेटे और करीबी लोगों के साथ खुद ही पत्नी को ढूंढने निकल पड़े हैं। वे बाजारों और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर लापता के पोस्टर चिपका रहे हैं और आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रहे हैं।

पहले खुद को रिटायर्ड अफसर बताया था
शुरुआत में रामकुमार ने खुद को रिटायर्ड डिप्टी कमिश्नर बताया था, लेकिन बाद में स्पष्ट हुआ कि वे विभाग में ड्राइवर थे। परिवार फिलहाल गोविंदपुरी इलाके में पैदल घूम-घूमकर लोगों से जानकारी जुटा रहा है।

मानसिक रूप से अस्वस्थ थीं पद्मा
जानकारी के मुताबिक, पद्मा कुछ समय से मानसिक रूप से बीमार थीं। पुलिस का कहना है कि उनके ठिकाने का पता लगाने के लिए सीसीटीवी और अन्य सुरागों पर काम किया जा रहा है।

पहले भी एक बार गई थीं बाहर
रामकुमार ने बताया कि उनकी पत्नी इससे पहले भी अचानक घर से चली गई थीं, लेकिन कुछ घंटों बाद वापस लौट आई थीं। इस बार वे पांच दिन से अधिक समय से गायब हैं। उनके पास मोबाइल भी नहीं था और वे बिना कुछ बताए ही घर से निकल गईं।

परिवार अकेले कर रहा तलाश
परिवार में रामकुमार और उनका बेटा हिमांशु ही हैं। मदद के लिए उनकी मुंहबोली बेटी दीपा गुप्ता और उसका बेटा युवराज भी तलाश में साथ दे रहे हैं। रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों से पूछताछ की जा चुकी है, लेकिन अब तक पद्मा का कोई सुराग नहीं मिला है।


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