एमपी मेडिकल काउंसलिंग में फर्जी स्वतंत्रता सेनानी प्रमाण पत्र पकड़े गए
मध्य प्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में MBBS और BDS प्रवेश के पहले चरण की काउंसलिंग में सात विद्यार्थियों के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं। इनमें छह ने MBBS और एक ने BDS पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया था।
अब संबंधित जिलों के प्रशासन ने इन छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है। साथ ही, इनके प्रवेश भी रद्द कर दिए गए हैं। प्रदेश में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे के तहत कुल 66 सीटें हैं, जिनमें 36 सीटें आवंटित की गई थीं, लेकिन केवल 22 छात्रों ने ही प्रवेश लिया था।
विदिशा के सरकारी मेडिकल कॉलेज में एक संदिग्ध प्रमाण पत्र मिलने के बाद आयुक्त, लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग ने संबंधित जिलों के कलेक्टरों को पत्र भेजकर मामले की जांच कराने का निर्देश दिया। यह इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार कलेक्टर के पास होता है।
अब तक की जांच में नौ विद्यार्थियों के प्रमाण पत्र वैध पाए गए हैं, जबकि सात फर्जी पाए गए। छह अन्य मामलों की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। इस संबंध में सोमवार को आयुक्त ने कलेक्टरों को पत्र भेजकर जांच पूरी करने का निर्देश दिया है। इस कोटे में केवल स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के नाती-नातिन और पोते-पोतियों को ही पात्र माना जाता है।