फ्रांस में बजट कटौती के खिलाफ भारी विरोध-प्रदर्शन हुए हैं जिसमें लगभग 5 लाख से अधिक लोग शामिल हुए। स्कूली बच्चों ने भी प्रदर्शन में भाग लेकर हाईवे ब्लॉक किए और कई जगहों पर पत्थरबाजी जैसी हिंसात्मक घटनाएं हुईं। इस प्रदर्शन को ठाामने के लिए सरकार ने लगभग 80 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया, और अब तक 141 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।



विरोध-प्रदर्शन मुख्य रूप से पूर्व प्रधानमंत्री फ्रांस्वा बैरू द्वारा प्रस्तावित कड़े बजट कटौती के खिलाफ हैं, जिनमें स्वास्थ्य, शिक्षा और सार्वजनिक सेवाओं पर भारी असर पड़ेगा।
छात्रों ने स्कूलों के बाहर प्रदर्शन कर हाईवे और स्कूल ब्लॉक किए।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई जगह संघर्ष हुए, जिसमें पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
कई शहरों में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली बाधित रही, बड़ी संख्या में एम्बुलेंस, ट्रेनें और मेट्रो लाइनें बंद रहीं।
अकेले पेरिस में लगभग 55 हजार लोग शामिल हुए और पूरे देश में प्रदर्शन लगभग एक मिलियन तक पहुंच गए।
प्रदर्शनकारी बढ़ती सामाजिक असमानता और कर प्रणाली में सुधार की मांग भी कर रहे हैं।

यह विरोध प्रदर्शन फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन और नए प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकॉर्नू के सामने बड़ी सामाजिक और राजनीतिक चुनौती बनकर उभरा है। इस कार्रवाई में हजारों कर्मचारी, छात्र, किसान और अन्य वर्ग शामिल हैं जो कटौती के खिलाफ आम जनता के हक में आवाज उठा रहे हैं.