
मंडीदीप के युवक के साथ ऑनलाइन ठगी: भोपाल में रहकर चला रहे थे ट्रांसपोर्ट का कारोबार
32 वर्षीय राहुल शर्मा मूल रूप से मंडीदीप (जिला रायसेन) के रहने वाले हैं। फिलहाल वह भोपाल के करोंद इलाके में रहकर ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय संभाल रहे थे। इसी दौरान उनके साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी की वारदात घटित हुई।
फेसबुक फ्रेंड रिक्वेस्ट बना जाल: दोस्ती, प्यार और फिर अमीरी के सपनों से रचा ठगी का खेल
32 वर्षीय राहुल की ज़िंदगी रोज़ की तरह दफ़्तर से लौटने के बाद फेसबुक चैट से शुरू हुई। रात के सन्नाटे में अचानक एक अनजान, खूबसूरत चेहरे की फ्रेंड रिक्वेस्ट सामने आई। राहुल ने बिना देर किए स्वीकार कर ली। बातचीत का सिलसिला बढ़ा और चंद दिनों में मीठे शब्दों ने रिश्ता प्यार जैसा रूप ले लिया।
इसी बीच युवती ने उसके सामने सुनहरे सपनों की दुनिया सजाई—तेज़ी से अमीर बनने और रईसी की जिंदगी जीने के वादे। राहुल भी उस चमकदार झांसे में आ गया, और यहीं से शुरू हुआ धोखे का खेल।
मामला पुलिस तक पहुंचने पर असली तस्वीर सामने आई। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी युवती ने एक नहीं, बल्कि कई फर्जी फेसबुक प्रोफाइल तैयार कर रखी थीं। इन नकली अकाउंट्स के जरिए वह भरोसे का जाल बुनती और लोगों को अपने संपर्क में लाती थी। राहुल अकेला शिकार नहीं था—उसकी तरह कई लोग मीठी बातों और झूठे वादों में फंसकर आर्थिक नुकसान झेल चुके थे।
फेसबुक फ्रेंडशिप से शुरू हुआ झांसा: फैशन डिज़ाइनर बनकर रचा फॉरेक्स ट्रेडिंग का जाल
अगस्त 2024 में राहुल की फेसबुक प्रोफाइल पर ‘रितिका शर्मा’ नाम से एक फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। खुद को बेंगलुरु की रहने वाली और फैशन डिज़ाइनर बताने वाली इस महिला ने भरोसा जीतने के लिए व्हाट्सएप वीडियो कॉल तक किए। बातचीत बढ़ने के साथ ही उसने राहुल को फॉरेक्स ट्रेडिंग में मुनाफ़े के सपने दिखाने शुरू कर दिए।
पहले तो राहुल ने इनकार किया, लेकिन नज़दीकी दोस्ती और बार-बार समझाने के बाद वह मान गए। इसके बाद युवती ने उन्हें एक लिंक भेजा और खास एप डाउनलोड कराने के बहाने ठगी का सिलसिला शुरू हुआ।
20 हज़ार से शुरू हुआ खेल: पहले मुनाफ़ा लौटाया, फिर एजेंट से कराई पहचान
राहुल के मुताबिक, ठगी का सिलसिला छोटे निवेश से शुरू हुआ। उन्होंने पहले 20 हज़ार रुपये लगाए और कुछ ही दिनों में उनके खाते में 25 हज़ार रुपये वापस आ गए। शुरुआती लाभ देखकर उनका भरोसा और मज़बूत हो गया। इसके बाद ‘रितिका’ ने उन्हें कंपनी के एक तथाकथित एजेंट से मिलवाया और यहीं से जाल और गहराता चला गया।
एप के जरिए अमीरी का झांसा: मुनाफ़े पर 3% कमीशन की शर्त, पीड़ित ने लगाई मोटी रकम
कथित एजेंट ने राहुल को भरोसा दिलाया कि एप के माध्यम से कम समय में बड़ी कमाई संभव है। शर्त रखी गई कि हर लेन-देन में दिखाए गए लाभ का तीन प्रतिशत हिस्सा कमीशन के रूप में देना होगा। शुरू में सब कुछ सही लगता रहा और इसी विश्वास में राहुल ने धीरे-धीरे बड़ी रकम निवेश कर दी।
एप पर दिखाए गए नकली लाभ के चलते राहुल ने लगातार एजेंट को हर ट्रांजेक्शन का तीन प्रतिशत कमीशन भेजा। समय के साथ वह पूरी तरह झांसे में फंस गए और निवेश की गई राशि लगभग 12 लाख रुपये तक पहुंच गई।
फेसबुक ठगी के बाद साइबर सेल तक की राह: राहुल ने खोए पैसे की शिकायत दर्ज कराई
फेसबुक कमेंट सेक्शन में दूसरे शहरों के कई पीड़ितों से संपर्क करने के बाद, राहुल ने महसूस किया कि यह एक बड़ा जाल है। जमा पूंजी और दोस्तों से उधार लिए गए पैसे गंवाने के बाद उन्होंने भोपाल साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। राहुल का आरोप है कि प्रारंभिक तौर पर पुलिस से तत्काल सहयोग नहीं मिला, जिस वजह से उन्होंने खुद ही मामले की जांच शुरू कर दी।
राहुल ने कई फर्जी फेसबुक आईडी के कमेंट सेक्शन को खंगालते हुए अन्य पीड़ितों से संपर्क किया। इसी दौरान उनकी मुलाकात वाराणसी के छात्र शुभम सिंह से हुई। शुभम ने बताया कि उन्हें रितिका द्वारा आठ लाख रुपये की ठगी का सामना करना पड़ा। इससे स्पष्ट हुआ कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि एक बड़ा ऑनलाइन ठगी का नेटवर्क था।
इसी मामले में इंग्लैंड में रहने वाले दीपक सिंह ने बताया कि उनके साथ लगभग 24 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई है। पुलिस ने अब मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी तक पहुँचने की कोशिश की जा रही है।