इस टूर्नामेंट के लिए भारत की प्लेइंग इलेवन को लेकर अभी कोई निश्चित फैसला नहीं लिया गया है। शुभमन गिल के टीम में शामिल होने के बाद चयनकर्ताओं के सामने विकल्प और चुनौती बढ़ गई है। खासतौर पर इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर संजू सैमसन की स्थिति पर पड़ा है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने इस दौरान सैमसन का समर्थन किया है और उन्हें टीम में जगह दिलाने की वकालत की है।

एशिया कप शुरू होने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं और भारत का पहला मुकाबला 10 सितंबर को यूएई के खिलाफ होना है। हालांकि टीम की प्लेइंग इलेवन अभी स्पष्ट नहीं है। शुभमन गिल के शामिल होने के बाद चयनकर्ताओं के सामने चयन करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो गया है। खासतौर पर इसका असर संजू सैमसन की जगह पर देखने को मिल रहा है, क्योंकि उनकी टीम में बने रहने की संभावना कम हो सकती है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने सैमसन का समर्थन किया है और माना है कि वह प्लेइंग इलेवन में जगह पाने के हकदार हैं।
अगर आप संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी को मुख्य टीम में शामिल करते हैं, तो उन्हें रिज़र्व खिलाड़ियों की सूची में नहीं रखा जा सकता। हालांकि, यह चयनकर्ताओं के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाती है। टीम में दो मजबूत बल्लेबाज होना जरूरी है, और सैमसन जैसे खिलाड़ी की उपस्थिति से टीम को बल्लेबाजी के तीसरे नंबर या जरूरत पड़ने पर फिनिशर के रूप में छठे नंबर पर खेलने का विकल्प मिलता है।
पूर्व भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर का मानना है कि शुरुआती मैचों में सैमसन को टीम में जगह दी जाएगी। उन्होंने कहा,
जितेश ने हाल ही में संपन्न आईपीएल में शानदार प्रदर्शन किया है और अपनी क्षमता साबित की है। इसलिए, मुझे लगता है कि चयनकर्ताओं के लिए यह एक सकारात्मक चुनौती है। फिर भी, मेरा मानना है कि शुरुआती कुछ मैचों में सैमसन को जितेश के मुकाबले प्राथमिकता दी जा सकती है। बाकी टूर्नामेंट में उनकी टीम में जगह उनकी प्रदर्शन क्षमता पर निर्भर करेगी। मेरी उम्मीद है कि ऐसा ही होगा।
गावस्कर के अनुसार, रिंकू सिंह और शिवम दुबे में से किसी एक को टीम से बाहर रहना पड़ सकता है। उन्होंने कहा,
अक्षर पटेल की टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाज के रूप में जगह बनाने की संभावना बनी हुई है। इसके साथ ही वह चार ओवर की प्रभावी गेंदबाजी भी कर सकते हैं। ऐसा लगता है कि रिंकू सिंह और शिवम दुबे जैसे बल्लेबाजों को टीम में खेलने का मौका मिलने में थोड़ा समय लग सकता है। मेरी राय में, बल्लेबाजी क्रम आठवें नंबर तक सीमित रहेगा और टीम अधिकतर गेंदबाजी पर फोकस करेगी। आठवें नंबर पर कुलदीप यादव की जगह हो सकती है, जबकि नौवें, दसवें और ग्यारहवें नंबर पर तीन तेज गेंदबाज मैदान में होंगे।
गावस्कर ने यह भी स्पष्ट किया कि जसप्रीत बुमराह को वर्कलोड को लेकर कोई चिंता नहीं होगी। वे हर मैच में केवल चार ओवर ही गेंदबाजी करेंगे, वह भी दो या तीन अलग-अलग स्पैल में। गावस्कर ने कहा,
इस एशिया कप में बुमराह केवल चार ओवर गेंदबाजी करेंगे और वह भी लगातार नहीं, बल्कि अलग-अलग स्पैल में। इसलिए, मुझे नहीं लगता कि उन्हें इस टूर्नामेंट में खेलने में कोई दिक्कत आएगी। उनके वर्कलोड को लेकर कोई समस्या नहीं होगी।
एशिया कप का आयोजन 9 सितंबर से यूएई में शुरू हो रहा है। इस टूर्नामेंट में कुल 8 टीमें भाग ले रही हैं, जिन्हें दो ग्रुप में बांटा गया है। भारत के ग्रुप में यूएई, ओमान और पाकिस्तान शामिल हैं, जबकि दूसरे ग्रुप में श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान और हॉन्ग कॉन्ग की टीमें हैं। हर ग्रुप से शीर्ष दो टीमें सुपर 4 में जगह बनाएंगी, जहां से टॉप दो टीमों के बीच फाइनल मुकाबला खेला जाएगा।