ग्वालियर।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि मध्यप्रदेश आज भारत का सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाला राज्य बन चुका है। मजबूत नीतियों, पारदर्शी प्रशासन और निवेश-अनुकूल वातावरण के चलते प्रदेश ने इस वर्ष रिकॉर्ड निवेश आकर्षित किया है।
वे पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर ग्वालियर में आयोजित “अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट” को संबोधित कर रहे थे।

“भारत की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था में एमपी की भूमिका सबसे अहम”
अमित शाह ने कहा कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है और इस लक्ष्य में मध्यप्रदेश की भागीदारी निर्णायक होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश करना हर दृष्टि से लाभ का सौदा है—यहां कम निवेश से भी बड़े रिटर्न की संभावना है।
2 लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का भूमिपूजन
समिट के दौरान अमित शाह ने 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली औद्योगिक और निर्माण परियोजनाओं का एक साथ भूमिपूजन किया।
इसके साथ ही:
- 5,810 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण
- 860 औद्योगिक इकाइयों को 725 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि
- निवेशकों को आशय पत्र और भूमि आवंटन पत्र वितरण
- औद्योगिक विकास पर आधारित कॉफी टेबल बुक और निवेश पुस्तिका का विमोचन

साइबर अपराधों के खिलाफ ई-जीरो एफआईआर
अमित शाह ने मध्यप्रदेश में ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था की शुरुआत की। इस सुविधा को लागू करने वाला मध्यप्रदेश देश का दूसरा राज्य बना। यह साइबर वित्तीय अपराधों से निपटने में बड़ी पहल मानी जा रही है।
कॉटेज इंडस्ट्री हब बनने की ओर एमपी
गृह मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से लघु, सूक्ष्म और कुटीर उद्योगों का राष्ट्रीय केंद्र बन रहा है। एक साल में 4.57 लाख से अधिक नई MSME यूनिट का पंजीकरण इसका प्रमाण है। खास बात यह है कि इनमें से लगभग 50% स्टार्टअप महिलाओं द्वारा संचालित हैं।
अटल जी के सपनों को साकार करता मध्यप्रदेश
अमित शाह ने कहा कि “अभ्युदय मध्यप्रदेश” में सहभागी बनना ही स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने अटल जी के योगदान—सड़क विकास, परमाणु शक्ति, करगिल विजय और सुशासन—को याद किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव: निवेश और रोजगार का नया मॉडल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश निवेश, रोजगार और समावेशी विकास का नया मॉडल गढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि:
- प्रदेश में 18 नई उद्योग-अनुकूल नीतियां लागू
- 8.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर
- रिन्यूएबल एनर्जी, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा, IT जैसे सेक्टरों में अपार संभावनाएं

ग्वालियर से पूरे देश को विकास का संदेश
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर की धरती से प्रदेश के विकास को नई गति मिली है। यह आयोजन सिर्फ समिट नहीं, बल्कि भविष्य की जिम्मेदारी है।
उद्योग, रोजगार और सुशासन का नया अध्याय
समिट में उद्योगपतियों को सम्मानित किया गया, विज़न-2047 आधारित प्रदर्शनी लगी और राज्य की औद्योगिक यात्रा पर लघु फिल्म दिखाई गई।
कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि मध्यप्रदेश अब निवेश और विकास का भरोसेमंद केंद्र बन चुका है।