क्या-क्या हुआ सस्पेंड?
जानकारी के मुताबिक, ₹8,700 तक के गिफ्ट, डॉक्यूमेंट, पार्सल और रजिस्टर्ड मेल की बुकिंग पर भी रोक लगा दी गई है। यानी अब न तो व्यक्तिगत पत्र, न ही व्यावसायिक दस्तावेज़, न ही गिफ्ट आइटम्स अमेरिका भेजे जा सकेंगे।
क्यों लिया गया यह फैसला?
इंडिया पोस्ट की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि यह निर्णय अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ और नई शर्तों की वजह से लिया गया है। हाल ही में अमेरिका ने विदेशी मेल आर्टिकल्स पर अतिरिक्त शुल्क और प्रोसेसिंग फीस लागू की है, जिससे भारतीय पोस्टल सर्विस के लिए इन शिपमेंट्स को प्रोसेस करना आर्थिक रूप से व्यवहार्य नहीं रहा।
कब तक रहेगा यह प्रतिबंध?
फिलहाल, यह अस्थायी रोक है, लेकिन इसकी अवधि को लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। भारत सरकार और अमेरिकी अधिकारियों के बीच टैरिफ विवाद पर बातचीत जारी है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले हफ्तों में स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
किस पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?
- स्टूडेंट्स और वर्किंग प्रोफेशनल्स: जो अमेरिका में पढ़ाई या नौकरी करते हैं और डॉक्यूमेंट्स या पार्सल भेजते रहते हैं।
- ई-कॉमर्स कंपनियां और एक्सपोर्टर्स: छोटे व्यापारी जो गिफ्ट आइटम्स या हैंडमेड प्रोडक्ट्स अमेरिका भेजते हैं।
- एनआरआई परिवार: जो त्योहारों पर गिफ्ट भेजते थे, अब उन्हें भी परेशानी होगी।
सरकार की अपील
पोस्टल डिपार्टमेंट ने सभी कस्टमर्स से कहा है कि नए आदेश तक अमेरिका के लिए कोई भी बुकिंग न करें।