
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने 75वें जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर को धार जिले के भैसोला से ‘आदि सेवा पर्व’ का आगाज करेंगे। यह आयोजन ‘आदि कर्म योगी अभियान’ का हिस्सा होगा और 2 अक्टूबर तक जारी रहेगा।
इस पर्व के दौरान आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, शिक्षा और पोषण सुधार, कौशल प्रशिक्षण, आजीविका बढ़ाने, स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन से जुड़ी पहलें की जाएंगी। अभियान के तहत करीब तीन लाख आदि कर्मयोगियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा
आदि कर्मयोगी अभियान में करीब तीन लाख प्रतिभागियों की भागीदारी होगी, जिनमें युवा, महिलाएं, शिक्षक, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत सचिव समेत अन्य स्थानीय प्रतिनिधि शामिल रहेंगे।
हर गांव के लिए दीर्घकालिक विकास योजना तैयार की जाएगी, जिसे 2 अक्टूबर को होने वाली विशेष ग्राम सभा में मंजूरी दी जाएगी। इसके साथ ही ग्राम स्तर पर ‘आदि सेवा केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे।
आदि सेवा पर्व के तहत जनजागृति यात्राएं, क्षेत्रीय भ्रमण और ग्रामीणों को जागरूक करने के कार्यक्रम होंगे। गांवों की विकास जरूरतों पर विषयवार समूह चर्चा की जाएगी। साथ ही, दीवार-लेखन के जरिए ग्राम अपेक्षाओं को प्रदर्शित किया जाएगा और ग्राम विकास योजनाएं बनाकर संबंधित विभागों की जिम्मेदारियां तय की जाएंगी।
ट्राइबल विलेज विजन 2030’ के तहत प्राथमिकता स्वास्थ्य सुविधाओं की आसान पहुंच, शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और पोषण योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने पर होगी। साथ ही महिला व बाल विकास से जुड़ी योजनाओं का लाभ दिलाने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों को मजबूत बनाने पर जोर दिया जाएगा।