नेपाल की राजधानी काठमांडू में जारी हिंसा के बाद गुरुवार को स्थिति नियंत्रण में दिखी, लेकिन एहतियात के तौर पर सेना ने लगातार तीसरे दिन भी कर्फ्यू जारी रखा है।देश में अंतरिम सरकार के गठन को लेकर प्रयास तेज हो गए हैं। इस संबंध में सेना मुख्यालय में Gen-Z के प्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच सुबह 10:30 बजे दूसरे दौर की बातचीत शुरू हुई। इससे पहले, बुधवार शाम को हुई पहली बैठक का कोई नतीजा नहीं निकल पाया था।सेना ने सभी राजनीतिक दलों और नेताओं से इस मामले पर अपनी राय देने का आग्रह किया है। नेपाल में हुई इस हिंसा में अब तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है और एक हजार से अधिक लोग घायल हुए हैं।

नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश रह चुकीं सुशीला कार्की का अंतरिम प्रधानमंत्री बनना तय माना जा रहा है। उन्हें Gen-Z और काठमांडू के मेयर बालेन शाह का समर्थन प्राप्त है।सूत्रों के अनुसार, सुशीला कार्की अंतरिम सरकार में बालेन शाह के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करेंगी। जब भी चुनाव होंगे, बालेन खुद चुनाव मैदान में उतरेंगे।

कुलमान घिसिंग नेपाल के एक प्रमुख विद्युतीय अभियंता हैं, जिन्हें नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (NEA) के पूर्व प्रबंध निदेशक के रूप में जाना जाता है।उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि नेपाल में दशकों से चली आ रही बिजली कटौती (लोड शेडिंग) की समस्या को खत्म करना है। उन्होंने 2016 में NEA का कार्यभार संभाला था और अपनी रणनीतिक प्रबंधन और तकनीकी विशेषज्ञता से देश को बिजली संकट से बाहर निकाला। उनकी अगुवाई में, NEA ने 2023-24 में पहली बार लाभ कमाया और भारत को बिजली निर्यात करना भी शुरू किया।कुलमान घिसिंग जनता के बीच काफी लोकप्रिय हैं और उनकी एक भ्रष्टाचार विरोधी छवि है। हालांकि, मार्च 2025 में उन्हें उनके पद से बर्खास्त कर दिया गया था, क्योंकि उन्होंने उद्योगपतियों का 24 अरब रुपये का बकाया बिजली बिल माफ करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने "उज्यालो नेपाल" (उज्ज्वल नेपाल) नामक एक अभियान शुरू किया।हाल ही में, नेपाल में चल रहे राजनीतिक संकट के बीच, Gen-Z ने उन्हें अंतरिम प्रधानमंत्री के पद के लिए एक संभावित उम्मीदवार के रूप में नामित किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स: नेपाल के अंतरिम प्रधानमंत्री पद के लिए अब कुलमान घिसिंग का नाम सामने आ रहा है। इससे पहले, इस पद के लिए पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा था।
नेपाली कांग्रेस के महासचिव गगन थापा ने गुरुवार सुबह एक भावुक वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया कि हाल की घटनाओं में उनसे और पार्टी के अन्य सदस्यों से गलतियां हुई हैं।थापा ने बताया कि उन्होंने कई बार सोशल मीडिया बंद न करने की कोशिश की, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा और तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने उनकी बात नहीं मानी। उन्होंने यह भी कहा, “मैं अब पार्टी नेता के रूप में नहीं बोल रहा। अब मैं पीछे की सीट पर बैठूंगा।”उन्होंने अपनी गलतियों के लिए बार-बार माफी मांगी और बदलाव का वादा किया।