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आर्थिक में अर्थव्यवस्था चुनौतियां, फिर भी 7.8% GDP वृद्धि; 'मेड इन इंडिया' दुनिया में छाएगा.

आर्थिक में अर्थव्यवस्था चुनौतियां, फिर भी 7.8% GDP वृद्धि; 'मेड इन इंडिया' दुनिया में छाएगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में सेमीकॉन इंडिया-2025 का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया भारत पर विश्वास करती है और उसके साथ मिलकर सेमीकंडक्टर का भविष्य बनाने को तैयार है।मोदी ने दुनिया की मौजूदा आर्थिक चिंताओं के बावजूद, भारत की अर्थव्यवस्था की पहली तिमाही में 7.8% की प्रभावशाली वृद्धि दर हासिल करने पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, कृषि और निर्माण जैसे सभी क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब सिर्फ बैकएंड से हटकर एक पूर्ण सेमीकंडक्टर राष्ट्र बनने की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि जल्द ही दुनिया कहेगी, 'डिजाइन्ड इन इंडिया, मेड इन इंडिया एंड ट्रस्टेड बाय वर्ल्ड'। उन्होंने चिप्स को 'डिजिटल डायमंड' बताते हुए कहा कि पिछली सदी में तेल ने दुनिया को आकार दिया, लेकिन 21वीं सदी में एक छोटी चिप में ही दुनिया के विकास को गति देने की क्षमता है।

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प्रधानमंत्री मोदी ने सेमीकॉन इंडिया-2025 कार्यक्रम में अपने भाषण की शुरुआत अंदाज़ में की। उन्होंने अपनी हाल की जापान और चीन यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि वह “कल रात ही यात्रा करके लौटे हैं।”जैसे ही दर्शक तालियां बजाने लगे, उन्होंने मज़ाकिया अंदाज़ में पूछा, "गया था इसलिए ताली बजा रहे हो या वापस आ गया इसलिए?" इस पर दर्शक हँसने लगे, और पीएम मोदी भी मुस्कुराने लगे।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सेमीकॉन इंडिया-2025 के उद्घाटन समारोह में कहा कि भारत सेमीकंडक्टर मिशन की शुरुआत के साढ़े तीन साल बाद ही, दुनिया भारत को भरोसे से देख रही है।वैष्णव ने प्रधानमंत्री मोदी के उस कथन का जिक्र किया कि मुश्किल समय में भारत पर दांव लगाया जा सकता है, और कहा कि हाल ही में पहली तिमाही में हासिल हुई 7.8% की वृद्धि दर इस बात का सबूत है। इस कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद थीं।

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सेमीकॉन इंडिया-2025: तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस और पीएम का योगदान

सेमीकॉन इंडिया-2025 तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस है, जिसका उद्देश्य भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को बढ़ावा देना है। इसमें 48 देशों की 350 से अधिक कंपनियों और 20,750 से ज्यादा प्रतिभागियों के साथ-साथ 50 वैश्विक नेता और 2,500 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।

इस कार्यक्रम में छह देशों की राउंड टेबल चर्चाएँ, देश-स्तरीय पवेलियन और वर्कफोर्स डेवलपमेंट व स्टार्टअप्स के लिए विशेष पवेलियन शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी 3 सितंबर को सुबह 9:30 बजे अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के सीईओ की राउंड टेबल में भाग लेंगे।

यह सेमीकॉन इंडिया का चौथा और सबसे बड़ा आयोजन है, जिसे भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) और अंतर्राष्ट्रीय उद्योग संघ SEMI ने मिलकर आयोजित किया है। इससे पहले, यह कॉन्फ्रेंस बेंगलुरु (2022), गांधीनगर (2023) और ग्रेटर नोएडा (2024) में आयोजित की जा चुकी है।

भारत-जापान सहयोग और सेमीकंडक्टर का भविष्य

अपनी हाल की जापान यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने सेमीकंडक्टर और AI क्षेत्र में सहयोग सहित 21 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इस दौरे में उन्होंने टोक्यो इलेक्ट्रॉन के सेमीकंडक्टर प्लांट का दौरा किया। जापान को सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट्स और मटेरियल में वैश्विक नेता माना जाता है। भारत और जापान के बीच हुए इस समझौते का एक प्रमुख लक्ष्य जापान की पुरानी तकनीकों को भारत में स्थानांतरित करना है, जिससे चीन पर निर्भरता कम हो सके और आर्थिक सुरक्षा बढ़ सके।


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