मोदी ने अपने संबोधन में कहा,
“आतंकवाद किसी भी सीमा, धर्म या जाति को नहीं मानता। यह मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है। पहलगेम में जो हुआ, वह सिर्फ भारत पर हमला नहीं था, बल्कि वैश्विक शांति पर प्रहार था। भारत 40 साल से इसकी मार झेल रहा है।”
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आतंकवाद का कोई औचित्य नहीं हो सकता और किसी भी तरह की आतंकवादी गतिविधि को समर्थन देने वाले देशों को बेनकाब करना होगा।
पुतिन ने की भारत की तारीफ़
इस बैठक में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी भारत की विदेश नीति और उसके संतुलित रुख की सराहना की। यूक्रेन मुद्दे पर भारत की भूमिका को लेकर पुतिन ने कहा कि भारत हमेशा संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता देता है। उन्होंने कहा,
“भारत एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति है और उसके विचार अंतरराष्ट्रीय शांति बनाए रखने में अहम हैं।”
SCO में भारत की अहमियत
शंघाई सहयोग संगठन एशिया का सबसे बड़ा क्षेत्रीय संगठन है जिसमें सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और राजनीतिक स्थिरता पर चर्चा होती है। भारत 2017 से इस संगठन का पूर्ण सदस्य है और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को हमेशा प्राथमिकता देता रहा है।
SCO समिट में भारत ने साफ संकेत दिया है कि आतंकवाद पर कोई समझौता नहीं होगा और इसे वैश्विक खतरे के रूप में देखा जाना चाहिए। वहीं, रूस ने भी भारत की शांतिपूर्ण और संतुलित नीति की प्रशंसा करते हुए भारत की वैश्विक भूमिका को स्वीकार किया।