उज्जैन में गीता महोत्सव: पुनीत इस्सर और पुत्र ने नाट्य के माध्यम से प्रस्तुत किया श्रीकृष्ण जीवन दर्शन
उज्जैन: अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के पहले दिन दशहरा मैदान में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुबह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महोत्सव का उद्घाटन किया। शाम को प्रसिद्ध अभिनेता पुनीत इस्सर और उनके पुत्र सिद्धार्थ इस्सर ने ‘जय श्रीकृष्णा गीता सार’ नाट्य का मंचन कर भगवद्गीता के संदेशों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
इस नाट्य प्रस्तुति में अर्जुन और श्रीकृष्ण के संवाद के माध्यम से जीवन और अध्यात्म की महत्वपूर्ण शिक्षाओं को प्रभावशाली तरीके से दिखाया गया। दर्शक इस प्रस्तुति को भावनाओं और आस्था से भरपूर स्वागत करते नजर आए। पिता-पुत्र की जोड़ी ने अभिनय की सशक्तता के साथ गीता के सार को समझाने का प्रयास किया।

महत्वपूर्ण जानकारी के अनुसार, मंगलवार 2 दिसंबर को शाम 7 बजे नई दिल्ली की कलाकार वैष्ण्वी शर्मा की प्रस्तुति होगी। इसके बाद मोहित शेवानी के निर्देशन में ‘कृष्णायन’ नाट्य का मंचन किया जाएगा। बुधवार 3 दिसंबर को शाम 7 बजे ‘विश्ववंदनीय नाट्य’ और सलाउद्दीन पाशा द्वारा ‘गीता ऑन व्हील्स’ नाट्य प्रस्तुत किया जाएगा।
महोत्सव के दौरान ‘माधव दर्शनम’ के तहत लघु चित्रों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जो दर्शकों को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध करेगी। आयोजकों ने बताया कि महोत्सव का उद्देश्य गीता के संदेशों को सरल और प्रभावशाली रूप में लोगों तक पहुँचाना है।

मुख्य बिंदु:
उद्घाटन: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया।
नाट्य प्रस्तुति: पुनीत इस्सर और सिद्धार्थ इस्सर द्वारा।
संदेश: अर्जुन और श्रीकृष्ण संवाद के माध्यम से गीता का सार।
आगामी प्रस्तुतियाँ: वैष्ण्वी शर्मा, मोहित शेवानी का ‘कृष्णायन’, सलाउद्दीन पाशा का ‘गीता ऑन व्हील्स’।
प्रदर्शनी: ‘माधव दर्शनम’ लघु चित्रों में।
इस महोत्सव के माध्यम से दर्शक गीता के शिक्षाप्रद संदेशों को समझने के साथ-साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अनुभव भी प्राप्त करेंगे।