इजराइल ने गाजा सिटी पर कब्जा करने की योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत 60 हजार अतिरिक्त रिजर्व सैनिकों को ड्यूटी पर बुलाया गया है। इजरायली सेना (IDF) ने पहले से ही तैनात 70 हजार सैनिकों के साथ मिलकर कुल 1.30 लाख सैनिकों की तैनाती की है।

गाजा पर कब्जे की योजना का मकसद
इजराइल ने इस योजना का उद्देश्य गाजा पर पूरी तरह से कब्जा करना नहीं, बल्कि उसे हमास के नियंत्रण से मुक्त कराना बताया है। इस ऑपरेशन का नाम "गिदोन चैरियट-II" रखा गया है। इसके तहत इजरायली सेना गाजा सिटी के मुख्य ठिकानों को घेरने और उन इलाकों पर हमला करने की तैयारी कर रही है, जहां हमास के लड़ाकों के सक्रिय होने की सूचना है। इस सैन्य कार्रवाई में टैंकों और सैन्य वाहनों का भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाएगा।

अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया
इजराइल की इस योजना का पश्चिमी और अरब देशों ने कड़ा विरोध किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इससे गाजा में मानवीय संकट और भी बढ़ सकता है, जहां पहले से ही लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं और भुखमरी का सामना कर रहे हैं। हालांकि, इजरायल का कहना है कि वे नागरिकों को नुकसान से बचाने के लिए हर संभव सावधानी बरत रहे हैं।
गाजा सिटी पर कब्जे के लिए इजराइल के अभियान को 'गिदोन'स चेरिएट्स-बी' नाम दिया गया है। इस दौरान, पहले से तैनात हजारों रिजर्व सैनिकों की सेवा को 30-40 दिनों के लिए और बढ़ा दिया जाएगा।इस अभियान में 5 आर्मी डिवीजन भाग लेंगे, जिनमें 12 ब्रिगेड-स्तरीय टीमें शामिल हैं। इन टीमों में पैदल सेना, टैंक, तोपखाने, इंजीनियरिंग और अन्य सपोर्ट यूनिट्स होंगी। इसके साथ ही, गाजा डिवीजन की उत्तरी और दक्षिणी ब्रिगेड भी इस कार्रवाई का हिस्सा बनेंगी।
गाजा में लगभग दो साल से जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक नई शांति योजना पर बातचीत चल रही है। हमास पर दबाव बनाने के लिए, इजरायल ने गाजा सिटी पर कब्जा करने की योजना बनाई है।
इस नई शांति योजना में 60 दिनों तक युद्ध विराम, चरणबद्ध तरीके से बंधकों की रिहाई, कुछ फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई और गाजा में मानवीय सहायता पहुँचाने जैसे मुद्दे शामिल हैं। कतर ने बताया है कि यह योजना इजरायल द्वारा पहले से स्वीकृत एक योजना के समान है, जबकि मिस्र ने कहा है कि अब इजरायल को इस पर अंतिम निर्णय लेना है।

गाजा सिटी पर इजरायली सेना की तैयारी
इजरायली सेना ने गाजा सिटी पर कब्जा करने की तैयारी शुरू कर दी है। सेना का कहना है कि वर्तमान में गाजा सिटी के बाहरी हिस्सों में ऑपरेशन चल रहे हैं।
- जैतून इलाके में, नहल और 7वीं आर्मर्ड ब्रिगेड ऑपरेशन को अंजाम दे रही हैं।
- जबकि दूसरे इलाके, जबालिया, में गिवाती ब्रिगेड 'कफ्र' ऑपरेशन चला रही है।
यह अभियान कई चरणों में चलाया जाएगा। सबसे पहले, नागरिकों को गाजा सिटी खाली करने का नोटिस जारी किया जाएगा, जिसकी अंतिम तारीख 7 अक्टूबर, 2025 तय की गई है। इसके बाद, सेना शहर को चारों ओर से घेरकर अंदर की ओर बढ़ेगी।
इजरायल ने गाजा सिटी से लगभग 10 लाख लोगों को दक्षिणी गाजा में स्थानांतरित करने की योजना बनाई है। इसके लिए राहत केंद्र, टेंट और फील्ड अस्पताल तैयार किए जा रहे हैं। खान यूनिस में स्थित यूरोपियन अस्पताल को भी फिर से शुरू किया जाएगा।

गाजा में लगभग 75% इलाके पर पहले से ही इजरायल का नियंत्रण है, लेकिन इजरायल अब गाजा सिटी के उन क्षेत्रों में प्रवेश करने का लक्ष्य बना रहा है, जहां उसे अब भी हमास के कब्जे में बंधकों के होने की आशंका है। ये वे हिस्से हैं, जहाँ इजरायली सेना (IDF) ने अब तक बड़े पैमाने पर कोई अभियान नहीं चलाया है।इजरायली सेना के अनुसार, गाजा पट्टी का लगभग 25% हिस्सा अभी भी उसके नियंत्रण में नहीं है, जिसमें मुख्य रूप से गाजा सिटी शामिल है।हालाँकि, इस योजना को टाला भी जा सकता है, यदि इजरायल और हमास के बीच बंधकों की रिहाई और युद्धविराम पर कोई समझौता हो जाता है। वर्तमान में, आतंकवादी गुटों के पास अनुमानित 50 बंधक हैं। यह माना जा रहा है कि इनमें से 20 बंधक अभी भी जीवित हैं, जबकि 28 की मौत हो चुकी है।