महाकाल लोक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी है। अब मंदिर तक पहुंचना पहले से अधिक आसान होने जा रहा है। प्रशासन 710 मीटर लंबा और 22.18 मीटर चौड़ा नया मार्ग तैयार कर रहा है, जिसकी लागत लगभग ₹63 करोड़ तय की गई है।
रेलवे से इस परियोजना के लिए मंजूरी मिल चुकी है और काम जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

🚶♂️ श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत
वर्तमान में श्रद्धालुओं को पार्किंग से पुल तक पहुंचने के बाद करीब 2.1 किलोमीटर पैदल चलकर महाकाल लोक पहुंचना पड़ता है।
नए मार्ग के बनने से यह दूरी काफी घट जाएगी, जिससे बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों को विशेष सुविधा मिलेगी।
📌 क्यों जरूरी है नया रास्ता
1. भीड़ नियंत्रण में मदद:
इंदौर और देवास से आने वाले श्रद्धालु हरिफाटक के पास वाहन पार्क कर सीधे महाकाल लोक पहुंच सकेंगे। इससे महाशिवरात्रि, नागपंचमी और नववर्ष जैसे आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन आसान होगा।
2. ट्रैफिक दबाव कम होगा:
पैदल यात्रियों के लिए अलग मार्ग बनने से हरिफाटक ब्रिज, महाकाल घाटी, नीलगंगा, इंदौर रोड और जयसिंहपुरा जैसे क्षेत्रों में यातायात का दबाव घटेगा।
🏗️ विकास का नया चरण
यह परियोजना महाकाल कॉरिडोर विस्तार योजना का हिस्सा है, जिसके तहत उज्जैन को एक धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में और विकसित किया जा रहा है।