मोदी का पूर्वोत्तर दौरा: कांग्रेस पर अनदेखी का आरोप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा दौरे की शुरुआत ईटानगर से की, जहाँ उन्होंने 5,100 करोड़ रुपए की नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इस मौके पर उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर पूर्वोत्तर राज्यों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।प्रधानमंत्री ने कहा, "जब मुझे देश की सेवा का मौका मिला, तो मैंने कांग्रेस की उस सोच से देश को मुक्ति दिलाई, जिसने अरुणाचल और पूरे नॉर्थईस्ट को नजरअंदाज किया।" उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार के लिए विकास की प्रेरणा वोटों और सीटों की संख्या नहीं, बल्कि "नेशन फर्स्ट" (राष्ट्र पहले) की भावना है।
नॉर्थईस्ट को 'अष्टलक्ष्मी' का दर्जा
मोदी ने बताया कि 2014 के बाद से, नॉर्थईस्ट क्षेत्र उनकी सरकार की विकास प्राथमिकताओं में से एक बन गया है। उन्होंने कहा, "जिनको कभी किसी ने नहीं पूछा, उनको मोदी पूजता है।" उन्होंने आगे कहा कि उनकी सरकार ने 'लास्ट माइल कनेक्टिविटी' (अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी) को अपनी पहचान बनाया है।प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर के आठ राज्यों – अरुणाचल, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा – को 'अष्टलक्ष्मी' की संज्ञा दी है, जो इस क्षेत्र के महत्व को दर्शाता है। यह संबोधन यह दिखाता है कि सरकार इस क्षेत्र को देश के विकास में एक महत्वपूर्ण स्तंभ मानती है।

पीएम मोदी के भाषण की 5 मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में पूर्वोत्तर राज्यों के महत्व और अपनी सरकार के प्रयासों पर जोर दिया। यहाँ उनके संबोधन की 5 बड़ी बातें हैं:
- अरुणाचल प्रदेश: शौर्य और शांति का प्रतीक: मोदी ने अरुणाचल प्रदेश के लोगों की तारीफ करते हुए कहा कि यहाँ का हर व्यक्ति शौर्य और साहस का प्रतीक है। उन्होंने इस राज्य को शांति का संगम और माँ भारती का गौरव बताया।
तीन वजहों से दौरा: मोदी ने अपने अरुणाचल दौरे की तीन मुख्य वजहें बताईं:
नवरात्रि का अवसर: आज से नवरात्रि शुरू हो रही है, और यह राज्य पर्वतराज हिमालय की बेटी माँ शैलपुत्री से जुड़ा है।
जीएसटी बचत उत्सव: आज से जीएसटी की नई दरें लागू हुई हैं, जिसे उन्होंने जनता के लिए "डबल बोनांजा" बताया।
विकास परियोजनाएं: अरुणाचल प्रदेश को आज बिजली, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों से जुड़ी कई विकास परियोजनाएं मिली हैं, जो बीजेपी की 'डबल इंजन सरकार' के फायदे को दर्शाती हैं।
कांग्रेस पर पीएम मोदी का हमला: नॉर्थईस्ट को 'नजरअंदाज' करने का आरोप
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर पूर्वोत्तर क्षेत्र को लंबे समय तक नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इसी सोच के कारण पूरे नॉर्थईस्ट का विकास रुका रहा।मोदी ने कहा कि जब उन्हें देश की सेवा का अवसर मिला, तो उन्होंने इस "कांग्रेसी सोच" से देश को मुक्त करने का संकल्प लिया। उनके लिए राजनीति में वोटों और सीटों की संख्या से ज्यादा 'नेशन फर्स्ट' (राष्ट्र पहले) की भावना महत्वपूर्ण है।उन्होंने आगे कहा, "हमारा एक ही मंत्र है, 'नागरिक देवो भवः'" (नागरिक ही भगवान हैं)। मोदी ने बताया कि जिस पूर्वोत्तर को कांग्रेस ने भुला दिया था, वह 2014 के बाद उनकी सरकार की विकास प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर आ गया है, क्योंकि उनकी सरकार उन लोगों को प्राथमिकता देती है, जिन्हें पहले कभी नहीं पूछा गया।
पीएम मोदी का दिल्ली पर जोर: 'सरकार दिल्ली बैठकर नहीं चलेगी'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार ने 'लास्ट माइल कनेक्टिविटी' को अपनी प्राथमिकता बनाया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार दिल्ली में बैठकर नहीं, बल्कि फील्ड में जाकर काम करने में विश्वास रखती है।
मंत्रियों का दौरा: मोदी ने कांग्रेस सरकार से तुलना करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में साल में एकाध बार ही कोई मंत्री पूर्वोत्तर आता था। वहीं, उनकी सरकार में अब तक 800 से ज्यादा बार केंद्रीय मंत्री यहाँ का दौरा कर चुके हैं।
दूरी मिटाने का प्रयास: मोदी ने खुद 70 से ज्यादा बार पूर्वोत्तर का दौरा करने की बात कही और कहा, "नॉर्थ ईस्ट मुझे दिल से पसंद है।" उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने दिल्ली और पूर्वोत्तर के बीच की दूरी को मिटाया है, और अब दिल्ली को लोगों के पास लेकर आए हैं।
'अष्टलक्ष्मी' और विकास में निवेश
मोदी ने पूर्वोत्तर के आठ राज्यों को 'अष्टलक्ष्मी' बताया और कहा कि केंद्र सरकार इस क्षेत्र के विकास पर भरपूर पैसा खर्च कर रही है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी सरकार ने अरुणाचल प्रदेश को पिछले सरकारों की तुलना में 16 गुना अधिक पैसा दिया है।यह पैसा सिर्फ टैक्स का हिस्सा है, इसके अलावा केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत खर्च होने वाला पैसा अलग है। मोदी ने कहा कि जब इरादे नेक और काम में ईमानदारी होती है, तो नतीजे साफ दिखाई देते हैं, और यही कारण है कि अरुणाचल प्रदेश में इतना तेज विकास हो रहा है।

त्रिपुरा में स्थित ऐतिहासिक माता त्रिपुर सुंदरी मंदिर परिसर का अब पुनर्विकास हो चुका है, जिसमें एक नया प्रवेश द्वार और एक तीन मंजिला कॉम्प्लेक्स बनाया गया है। इस पुनर्विकास के लिए 'प्रसाद' योजना के तहत 52 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए गए हैं, जिसमें से 7 करोड़ रुपए राज्य सरकार ने दिए हैं।इस पुनर्विकासित मंदिर का उद्घाटन नवरात्रि के पहले दिन होने वाला है, और इस मौके पर प्रधानमंत्री भी यहां पूजा-अर्चना करेंगे।
यह मंदिर ऐतिहासिक रूप से बेहद खास है। इसे वर्ष 1501 में महाराजा धन्य माणिक्य द्वारा बनवाया गया था, और इसी मंदिर के नाम पर राज्य का नाम त्रिपुरा पड़ा।यह मंदिर पूर्वी भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है। कोलकाता के कालीघाट और गुवाहाटी के कामाख्या मंदिर के बाद, यह तीसरा सबसे महत्वपूर्ण शक्तिपीठ माना जाता है।



त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बताया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने स्वयं प्रधानमंत्री को पुनर्विकसित त्रिपुरा सुंदरी मंदिर और उसके आसपास के सौंदर्यीकरण का उद्घाटन करने के लिए आमंत्रित किया था।यह ऐतिहासिक मंदिर, जो 524 साल पुराना है, का पुनर्विकास 'प्रसाद' योजना के तहत किया गया है। इस परियोजना पर 52 करोड़ रुपए से अधिक की लागत आई है, जिसमें से त्रिपुरा सरकार ने 7 करोड़ रुपए का योगदान दिया है।
अरुणाचल में हाइड्रो प्रोजेक्ट्स और कन्वेंशन सेंटर की आधारशिला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईटानगर में 3,700 करोड़ रुपए से ज्यादा की लागत वाले दो प्रमुख हाइड्रो परियोजनाओं की आधारशिला रखी है। ये दोनों परियोजनाएं अरुणाचल प्रदेश के सियोम उप-बेसिन क्षेत्र में बनाई जाएंगी और इनमें हेओ हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (240 मेगावाट) और तातो-I हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (186 मेगावाट) शामिल हैं।इसके साथ ही, प्रधानमंत्री ने अरुणाचल प्रदेश के तवांग में 9,820 फीट की ऊंचाई पर बनने वाले एक नए कन्वेंशन सेंटर की भी आधारशिला रखी। इस सेंटर में एक साथ 1,500 लोग बैठ सकेंगे और इसका उपयोग बड़े सम्मेलनों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रदर्शनियों के लिए किया जाएगा।इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने 1,290 करोड़ रुपए से अधिक की कई अन्य परियोजनाओं की भी शुरुआत की। इन परियोजनाओं में सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सुविधाएं, अग्नि सुरक्षा (फायर सेफ्टी) और कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं।