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इस साल ₹45,637 महंगा हुआ; चांदी ₹1.50 लाख के रिकॉर्ड स्तर पर

सोने और चांदी की कीमतों ने आज, 8 अक्टूबर को, फिर से ऑलटाइम हाई का नया रिकॉर्ड बनाया है।इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक:

  • 24 कैरेट सोने के दाम में आज ₹1,858 की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई। अब 10 ग्राम सोने की कीमत ₹1,21,799 हो गई है। कल, मंगलवार को, यह कीमत ₹1,19,941 थी।
  • चांदी भी ₹2,342 महंगी होकर ₹1,50,783 प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड भाव पर पहुँच गई है। कल इसका भाव ₹1,48,441 था।

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इस साल (2025) में अब तक सोना और चांदी दोनों ही धातुओं की कीमतों में भारी उछाल आया है।

सोने की कीमत में बढ़ोतरी

इस साल की शुरुआत से अब तक सोने की कीमत में करीब ₹45,637 की वृद्धि दर्ज की गई है।

  • 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव ₹76,162 था।
  • यह बढ़कर अब ₹1,21,799 हो गया है।

चांदी की कीमत में बढ़ोतरी

चांदी के भाव में भी इस अवधि के दौरान ₹64,766 की बड़ी बढ़ोतरी हुई है।

  • 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी की कीमत ₹86,017 थी।
  • यह अब बढ़कर ₹1,50,783 प्रति किलोग्राम हो गई है।

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भविष्य में सोने के भाव का अनुमान

गोल्डमैन सैक्स की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, बैंक ने अगले साल तक सोने के लिए $5,000 प्रति औंस का लक्ष्य रखा है। मौजूदा विनिमय दर के हिसाब से, यह भारतीय रुपए में लगभग ₹1,55,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुँच सकता है। इसके अलावा, ब्रोकरेज फर्म पीएल कैपिटल के निदेशक संदीप रायचुरा ने अनुमान लगाया है कि सोने की कीमत ₹1,44,000 प्रति 10 ग्राम तक जा सकती है।

सोने की कीमतों में तेजी के 4 प्रमुख कारण

सोने की कीमतों में उछाल के पीछे चार बड़े कारक काम कर रहे हैं:

  1. केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: दुनिया भर के प्रमुख केंद्रीय बैंक डॉलर पर अपनी निर्भरता कम करना चाहते हैं। इसके लिए वे लगातार अपने खजाने में सोने का हिस्सा बढ़ा रहे हैं। इस लगातार मांग के कारण बाज़ार में सोने की कीमतें ऊपर जा रही हैं।
  2. ‘ट्रम्प फैक्टर’ और नीतिगत अनिश्चितता: अमेरिका की नीतियों को लेकर अनिश्चितता का माहौल है, और फेडरल रिजर्व पर राजनीतिक दखल की बातें डॉलर और बॉन्ड बाज़ार को कमज़ोर कर रही हैं। ऐसे में निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे कीमतें बढ़ रही हैं।
  3. क्रिप्टो से सोने की ओर रुख: क्रिप्टो करेंसी में भारी उतार-चढ़ाव और सख्त नियामक नियमों के डर से निवेशक अपना पैसा सोने में स्थानांतरित कर रहे हैं। साथ ही, पिछले कुछ समय में भारत में शेयर बाजार से कम रिटर्न मिलने के कारण भी सोने का आकर्षण बढ़ा है।
  4. लॉन्ग-टर्म संपत्ति के रूप में: सोना एक ऐसी संपत्ति है जो कभी भी पूरी तरह से बेकार नहीं होती। यह नष्ट नहीं होता, सीमित मात्रा में उपलब्ध है, और महंगाई के समय अपनी कीमत बनाए रखता है। इस कारण लंबे समय के निवेश के लिए सोना एक फायदेमंद विकल्प माना जाता है।

सोना खरीदते समय ध्यान रखने योग्य 2 बातें

सोना खरीदने से पहले आपको इन दो महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ प्रमाणित सोना ही खरीदें। नए नियम के अनुसार, 1 अप्रैल से छह डिजिट वाली अल्फान्यूमेरिक हॉलमार्किंग (जिसे HUID या हॉलमार्क यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर कहते हैं) के बिना सोना बेचना मान्य नहीं होगा। यह HUID कोड (जैसे AZ4524) सोने की शुद्धता (कैरेट) को जानने में मदद करता है।
  2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वज़न और खरीदने के दिन उसकी कीमत को कई स्रोतों (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से ज़रूर मिलाएँ। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।

कैरेट के हिसाब से सही कीमत ऐसे पता करें

  • 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध होता है, लेकिन यह बहुत मुलायम होने के कारण इसकी ज्वेलरी नहीं बनती। ज्वेलरी के लिए आमतौर पर 22 कैरेट या उससे कम कैरेट के सोने का इस्तेमाल होता है।
  • कीमत निकालने का तरीका:
    • मान लीजिए 24 कैरेट सोने का दाम ₹60,000 प्रति 10 ग्राम है, तो 1 ग्राम की कीमत हुई ₹6,000।
    • 1 कैरेट शुद्धता वाले 1 ग्राम सोने की कीमत हुई: ₹6,000 / 24 = ₹250।
    • यदि आपकी ज्वेलरी 18 कैरेट शुद्ध सोने की है, तो 1 ग्राम की सही कीमत हुई: 18 x ₹250 = ₹4,500 प्रति ग्राम।
    • अब, अपनी ज्वेलरी के वज़न को ₹4,500 से गुणा करके सोने की वास्तविक कीमत की गणना की जा सकती है।

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