सतना में सेल्फी के चक्कर में किशोर हुआ हादसे का शिकार
रविवार सुबह मोबाइल पर सेल्फी लेने का शौक 16 वर्षीय किशोर के लिए जानलेवा साबित हुआ। वह रेलवे यार्ड में खड़ी मालगाड़ी की छत पर चढ़कर सेल्फी लेने की कोशिश कर रहा था कि अचानक हाई वोल्टेज ओवरहेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) वायर की चपेट में आ गया।
हादसे में किशोर गंभीर रूप से झुलस गया। यह घटना सुबह लगभग 7:20 बजे सतना यार्ड की लाइन नंबर आरडी-06 पर हुई। किशोर ट्रेन की छत पर चढ़ते ही ऊपर से गुजर रहे 25,000 वोल्ट के तार की चपेट में आ गया। जोरदार धमाके के साथ वह नीचे गिर पड़ा।
मौके पर पहुंचे एएसई जयकरण मिश्रा ने तुरंत एंबुलेंस बुलाकर घायल किशोर को जिला अस्पताल भेजवाया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
झुलसे किशोर की पहचान आदर्श गौतम के रूप में हुई
सतना में ट्रेन की छत पर चढ़ते हुए घायल किशोर की पहचान आदर्श गौतम (16 वर्ष), पुत्र अजय गौतम, निवासी उमरी, थाना सिविल लाइन के रूप में हुई है। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए उसे रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
सूचना पाते ही आदर्श के परिवार वाले अस्पताल पहुंचे और बच्चे की स्थिति देख कर स्तब्ध रह गए।
सतना रेलवे यार्ड में फिर दोहराया हादसा, सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि किशोर ने सेल्फी लेने के लिए ट्रेन की छत पर चढ़कर गंभीर गलती की। वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि यार्ड क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था बेहद कमजोर है।
सतना रेलवे यार्ड में यह पहली घटना नहीं है। पिछले दो वर्षों में यह तीसरा मामला है जब किशोर या युवक हाई वोल्टेज तार की चपेट में आए हैं। इसके बावजूद रेलवे सुरक्षा प्रबंधन में सुधार की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए। स्थानीय लोगों ने सवाल किया है कि आखिर कब तक लापरवाही की कीमत मासूम जिंदगियों को चुकानी पड़ेगी।
सतना रेलवे यार्ड का यह हादसा केवल एक चेतावनी नहीं, बल्कि एक दर्दनाक सच है कि आधुनिक तकनीक और सेल्फी का जुनून युवा जीवन के लिए कितना खतरनाक साबित हो सकता है। विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों की चेतावनी के बावजूद ऐसे हादसे दोहराए जा सकते हैं, जिससे सवाल उठता है—क्या अब समय आ गया है कि किशोर, अभिभावक और प्रशासन मिलकर सुरक्षा को गंभीरता से लें, ताकि मासूम जिंदगियां इस तरह के जोखिमों में न फंसे।