
रविवार, 21 सितंबर को, एक 13 साल का अफगान लड़का काबुल से दिल्ली तक एक विमान के लैंडिंग गियर में छिपकर यात्रा कर रहा था। KAM एयरलाइन की फ्लाइट RQ-4401 जब दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरी, तो एयरलाइन कर्मचारियों ने उसे विमान के पास घूमते हुए देखा।लड़के को तुरंत हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने यह कदम सिर्फ यह देखने की जिज्ञासा में उठाया कि ऐसी यात्रा कैसी लगती है। अधिकारियों ने उसकी पहचान अफगानिस्तान के कुंदुज शहर के रहने वाले के रूप में की।पूरी जांच के बाद विमान को सुरक्षित घोषित कर दिया गया, और लड़के को उसी दिन वापस अफगानिस्तान भेज दिया गया।

विमान के लैंडिंग गियर कम्पार्टमेंट में छिपकर यात्रा करना अत्यंत जोखिम भरा होता है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि 30,000 फीट की ऊंचाई पर तापमान -40 से -60 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच जाता है, और ऑक्सीजन का स्तर भी बहुत कम हो जाता है। ऐसी स्थिति में कुछ ही मिनटों में व्यक्ति बेहोश हो सकता है या उसकी जान जा सकती है।यही कारण है कि अधिकारी इस बात से हैरान हैं कि यह लड़का कैसे बच गया। विमान के लैंडिंग गियर कम्पार्टमेंट में सुरक्षा उपकरण, हाइड्रोलिक पाइप और ब्रेक सिस्टम होते हैं। दुनियाभर में इस तरह की खतरनाक यात्रा में जीवित रहने की दर 20% से भी कम है, जो इस घटना को और भी चौंकाने वाली बनाती है।

2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद, अफगानिस्तान में भारी उथल-पुथल मच गई थी। काबुल पर नियंत्रण के बाद, लोग देश छोड़ने के लिए बेताब हो गए और बड़ी संख्या में काबुल के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुँच गए।हवाई अड्डे पर, कई अफगान नागरिक अमेरिकी सैन्य विमानों में घुसने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें अमेरिका अपने लोगों और सैनिकों को वापस लाने के लिए भेज रहा था। इस दौरान कुछ लोग विमान के पहियों से लटक गए। उड़ान के दौरान, वे आसमान से गिर गए और उनकी दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना ने दुनियाभर में लोगों को झकझोर कर रख दिया था।