दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) कर रही है। इसी कड़ी में आतंकी मॉड्यूल में शामिल डॉ. शाहीन सईद के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के फ्लैट से 18.50 लाख कैश, सोने के बिस्किट और गहने बरामद किए गए हैं। अलमारी से अरब देशों की करेंसी भी मिली है।
गुरुवार रात NIA की टीम शाहीन को लेकर यूनिवर्सिटी पहुंची और उसके फ्लैट नंबर 22 में तलाशी ली। फ्लैट में रखी अलमारी का लॉक खोलने पर एक सीक्रेट लॉकर मिला, जिसमें 500-500 के नोटों में कुल 18.50 लाख रुपए पाए गए। इसके अलावा, अलमारी के अन्य लॉकर से सोने के 2 बिस्किट और करीब 300 ग्राम सोने के गहने बरामद किए गए।

जांच में यह भी पता चला कि शाहीन फंडिंग के लिए कई गैर-सरकारी संगठनों (NGO) के संपर्क में थी, जिनका नेटवर्क बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और UAE तक फैला हुआ था। शाहीन ने 2006 से 2013 तक जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर में फार्माकोलॉजी विभाग की प्रवक्ता और विभागाध्यक्ष के रूप में काम किया।
एनआईए ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी के एडमिन ब्लॉक में शाहीन के नाम पर रजिस्टर और लॉकर से दस्तावेज जब्त किए हैं। अभी दस्तावेजों की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। जांच के दौरान शाहीन एजेंसी की टीम को सहयोग नहीं कर रही थी और बार-बार बरगलाने की कोशिश करती रही।

जांच प्रक्रिया में NIA ने शाहीन को यूनिवर्सिटी के हॉस्टल बिल्डिंग, मेडिकल वार्ड, क्लासरूम और उसके डॉक्टर कैबिन में ले जाकर उसकी गतिविधियों और संपर्कों की जानकारी ली। इसके अलावा, उसे वाइस चांसलर भूपिंद्र कौर आनंद के सामने पेश कर पहचान करवाई गई। यह कदम इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि शाहीन यूनिवर्सिटी में रहते हुए कई संदिग्धों के संपर्क में थी।