उज्जैन पुलिस का हाई-टेक कदम: महाकाल मंदिर क्षेत्र में रुकने वाले हर यात्री का डेटा अब रियल टाइम में पुलिस तक
उज्जैन में महाकाल मंदिर क्षेत्र की सुरक्षा अब और मजबूत हो गई है। शहर के 350 होटलों को एक ऐसे डिजिटल ऐप से जोड़ा गया है, जिसके जरिए होटल में रुकने वाले हर यात्री का डेटा तुरंत पुलिस तक पहुंच रहा है। इससे संदिग्ध व्यक्तियों पर रियल टाइम में नजर रखना आसान हो गया है और बिना आईडी वाले ठहराव को भी तुरंत ट्रेस किया जा सकेगा।

GuestReport.in ऐप से जुड़े सभी होटल
एसपी प्रदीप शर्मा के निर्देश पर GuestReport.in नामक ऐप तैयार कराया गया है। इसके माध्यम से होटल में आने वाले हर यात्री का नाम, मोबाइल नंबर, पहचान पत्र और अन्य विवरण सीधे संबंधित थाना, थाना प्रभारी और एसपी तक पहुंच रहा है।
होटल संचालक रोजाना अपने गेस्ट की जानकारी ऐप में अपलोड करते हैं, जो कुछ ही सेकंड में पुलिस सिस्टम में दर्ज हो जाती है।

7 करोड़ श्रद्धालु आते हैं हर साल – पहले डेटा प्रोसेस में लगते थे 1-2 हफ्ते
मध्य प्रदेश टूरिज्म के अनुसार, पिछले साल अकेले उज्जैन में 7 करोड़ श्रद्धालु आए थे।
पहले होटल डेटा थाने तक पहुंचने और उसे जांचने में एक से दो हफ्ते लग जाते थे, लेकिन अब यह पूरा प्रोसेस तुरंत पूरा हो रहा है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था बेहद तेज और सटीक हो गई है।
सिंहस्थ कुंभ के लिए महत्वपूर्ण—30 करोड़ श्रद्धालुओं की रियल टाइम ट्रेसेबिलिटी
आगामी सिंहस्थ कुंभ में दो महीनों के भीतर लगभग 30 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। ऐसे में यह ऐप पुलिस के लिए अत्यंत उपयोगी होगा। इससे—
- कौन यात्री कहां रुका है
- गुमशुदा व्यक्तियों की पहचान
- संदिग्ध लोगों पर निगरानी
- किसी यात्री द्वारा होटल का पता भूल जाने की स्थिति में लोकेशन जानकारी
सब कुछ कुछ ही क्लिक में मिल सकेगा।
होटल संचालकों को भी राहत
पहले होटल वालों को रोजाना पुलिस थाने जाकर गेस्ट रजिस्टर जमा करना पड़ता था। अब ऐप के माध्यम से यह झंझट खत्म हो गया है।
जो होटल ऐप का उपयोग नहीं कर रहे, उन्हें अभी भी मैन्युअल शीट जमा करनी पड़ती है। लेकिन तेजी से सभी होटल इस प्रणाली से जुड़ रहे हैं।

जल्द ही आश्रम और अखाड़े भी जोड़े जाएंगे
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि शहर में बड़े पैमाने पर होम स्टे और लॉज बढ़े हैं। इसलिए यह जरूरी है कि बाहर से आने वाले हर व्यक्ति का डेटा पुलिस के पास उपलब्ध रहे।
उन्होंने कहा कि आगे चलकर आश्रम, अखाड़े और अन्य ठहराव स्थलों को भी ऐप से जोड़ा जाएगा।