
12 मंत्री कानूनी मामलों में घिरे
विजयवर्गीय पर 5 तो इंदर सिंह पर 2 केस दर्ज
प्रदेश की राजनीति एक बार फिर चर्चा में है। कैबिनेट के 31 मंत्रियों में से 12 पर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। आरोप भड़काऊ भाषण से लेकर हत्या के प्रयास तक के हैं।
जानकारी के मुताबिक, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ पाँच अलग-अलग मामले दर्ज हैं। वहीं, मंत्री इंदर सिंह पर भी दो प्रकरण चल रहे हैं। इन आंकड़ों ने सियासी हलकों में हलचल तेज कर दी है और विपक्ष इसे सरकार की साख से जोड़कर देख रहा है।भड़काऊ भाषण, हिंसा और हत्या के प्रयास तक शामिल; विजयवर्गीय पर 5, इंदर सिंह पर 2 प्रकरण दर्ज यह मामले सामान्य विवादों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनमें भड़काऊ भाषण, हिंसा भड़काने और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
विजयवर्गीय पर सबसे ज्यादा मामले
कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर सबसे अधिक पाँच आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इनमें सार्वजनिक मंच से भड़काऊ बयान देने और राजनीतिक हिंसा से जुड़े केस प्रमुख हैं।
इंदर सिंह पर भी दो केस दर्ज
वहीं, मंत्री इंदर सिंह पर दो मामले चल रहे हैं, जिनमें एक गंभीर प्रकरण हत्या के प्रयास से जुड़ा हुआ बताया जाता है।
सियासी असर
इन मामलों ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष लगातार इसे मुद्दा बना रहा है और सरकार की साख पर सवाल खड़े कर रहा है। विपक्षी दलों का कहना है कि जब खुद सत्ता में बैठे मंत्री गंभीर मामलों का सामना कर रहे हों, तो जनता के सामने नैतिकता का सवाल उठना स्वाभाविक है।
सरकार का पक्ष
सरकारी सूत्रों का कहना है कि अधिकांश केस राजनीतिक द्वेष की वजह से दर्ज किए गए हैं और अदालत में इनकी सच्चाई सामने आएगी। उनका दावा है कि विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ के लिए इन मामलों को उछाल रहा है।
जनता की नजर
कानूनी पचड़ों में फंसे मंत्रियों की बढ़ती संख्या ने आम नागरिकों के बीच भी चर्चा को जन्म दिया है। कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या ऐसे हालात में शासन और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी सही तरीके से निभाई जा सकती है।