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पार्टी स्तर पर विधायकों और नेताओं के कामकाज का फीडबैक जुटाने की तैयारी

कांग्रेस करेगी जनप्रतिनिधियों की लोकप्रियता की जांच

मध्य प्रदेश में विधानसभा और लोकसभा चुनावों में लगातार मिली हार के बाद कांग्रेस अब नई रणनीति अपना रही है। पार्टी ने पहली बार अपने चुने हुए जनप्रतिनिधियों की लोकप्रियता का आकलन कराने का निर्णय लिया है।

इस प्रक्रिया की शुरुआत नगरीय निकायों से होगी, क्योंकि इनके चुनाव वर्ष 2027 में प्रस्तावित हैं। इसके बाद दूसरे चरण में विधायकों की लोकप्रियता का मूल्यांकन किया जाएगा। पार्टी का मानना है कि नगरीय निकाय चुनावों के परिणाम से प्रदेश की राजनीति में नया माहौल बन सकता है।Gemini_Generated_Image_6h6rz06h6rz06h6r-1
पार्टी संगठन ने तय किया है कि कार्यकर्ताओं की मदद से यह जांच की जाएगी कि जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में किस तरह काम कर रहे हैं और जनता के बीच उनकी छवि कैसी है। इसमें मतदाताओं से संपर्क, संवाद और क्षेत्रीय गतिविधियों को मुख्य आधार बनाया जाएगा।

साथ ही यह भी देखा जाएगा कि किसी नेता की लोकप्रियता या अलोकप्रियता के पीछे कारण क्या हैं। इस आकलन के बाद कांग्रेस संगठन निकायवार प्रतिनिधियों को बुलाकर उनसे चर्चा करेगा और उन्हें भविष्य की तैयारियों के लिए दिशा-निर्देश भी देगा।Congress-770x433-770x433-1
नगरीय निकाय चुनावों में कांग्रेस की सफलता का विधानसभा में असर नहीं

साल 2022 में हुए नगरीय निकाय चुनावों में कांग्रेस को पहली बार बड़ी उपलब्धि मिली थी। छिंदवाड़ा, ग्वालियर, मुरैना, रीवा और जबलपुर नगर निगम में पार्टी के महापौर चुने गए थे। वहीं नगर पालिका और नगर परिषदों में अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव होने के कारण ज्यादातर जगहों पर भाजपा ने अध्यक्ष पद अपने नाम किया।

कांग्रेस को उम्मीद थी कि शहरी निकायों में मिली यह जीत विधानसभा चुनाव में भी समर्थन दिलाएगी, लेकिन नतीजों में ऐसा असर दिखाई नहीं दिया।

2027 चुनावों से पहले कांग्रेस करेगी जनप्रतिनिधियों का आकलन

साल 2023 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस महज 66 सीटों तक सीमित रह गई थी। इसके बाद हुए लोकसभा चुनाव में पार्टी को एक भी सीट हासिल नहीं हुई। अब 2027 से नगरीय निकाय चुनावों के साथ फिर से चुनावी दौर शुरू होना है।

इस स्थिति को देखते हुए कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि अपने चुने हुए जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली और लोकप्रियता का आकलन करवाया जाएगा। पार्टी का कहना है कि यही मूल्यांकन आगे आने वाले चुनावों में टिकट वितरण का आधार बनेगा।

कांग्रेस जनप्रतिनिधियों का आकलन करेगी कार्यकर्ताओं के फीडबैक से

प्रदेश संगठन महामंत्री संजय कामले ने बताया कि पहले चरण में नगरीय निकायों के प्रतिनिधियों का मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें उनकी जनता के बीच छवि, क्षेत्र में कामकाज, मतदाताओं से संपर्क और संवाद, तथा पार्टी की गतिविधियों में भागीदारी का आकलन शामिल होगा।

इस प्रक्रिया के लिए स्थानीय कार्यकर्ताओं से फीडबैक जुटाया जाएगा, जिसे आधार बनाकर रिपोर्ट तैयार की जाएगी और आगे की रणनीति तय की जाएगी।

प्राप्त फीडबैक और तैयार रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस अपने जनप्रतिनिधियों से संवाद करेगी। इसी प्रक्रिया के तहत विधायकों के कामकाज का मूल्यांकन भी किया जाएगा। पार्टी उन उम्मीदवारों से भी फीडबैक लेगी जो पिछली बार चुनाव हार गए थे।इस आकलन में केवल वर्तमान स्थिति नहीं देखी जाएगी, बल्कि सुधार और आगामी रणनीति के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।


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