
सीएम हेल्पलाइन तक क्यों पहुँचें छोटी शिकायतें?” – मुख्यमंत्री मोहन यादव की सख्त नसीहत कलेक्टरों को
सोमवार को मंत्रालय में आयोजित समाधान ऑनलाइन बैठक के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जिला कलेक्टरों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर छोटी-छोटी जरूरतों को लेकर लोग सीएम हेल्पलाइन तक शिकायत दर्ज करा रहे हैं, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था की गंभीर कमजोरी है।
मुख्यमंत्री ने अफसरों से साफ कहा कि आवेदकों की समस्याओं का निपटारा जिला स्तर पर ही होना चाहिए। यदि लोग लगातार राजधानी तक गुहार लगाने को मजबूर हैं, तो यह संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करता है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि व्यवस्थाओं में सुधार करें, अन्यथा कार्रवाई तय है।

सीएम का निर्देश – हेल्पलाइन पर आने वाली हर शिकायत का समय पर समाधान जरूरी
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सीएम हेल्पलाइन पर आने वाली सभी शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में निपटारा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुशासन की असली परिभाषा तभी पूरी होगी जब लोगों की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही मिल सके।
सीएम ने जोर देकर कहा कि आम नागरिक को अपनी छोटी-छोटी परेशानियों के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े। हर जिले का प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि लोगों की समस्याओं का समाधान तेज़ी और पारदर्शिता के साथ किया जाए।

सीएम की समीक्षा बैठक में कई जिलों के मामलों पर सख्त कार्रवाई
देवास:
प्रसूति सहायता राशि न मिलने की शिकायत पर कार्रवाई।
आउटसोर्स कंप्यूटर ऑपरेटर और तत्कालीन संविदा लेखापाल की सेवाएं समाप्त।
बहुउद्देशीय कार्यकर्ता निलंबित, अस्पताल प्रबंधक की वेतन वृद्धि रोकी गई।
संविदा लेखपाल और जिला कार्यक्रम प्रबंधक के वेतन में कटौती।
तत्कालीन सिविल सर्जन/वर्तमान सीएमएचओ की एक वेतन वृद्धि रोकी गई।
भिंड:
खसरा ऑनलाइन अपडेट न होने पर 4 पटवारी निलंबित।
4 तहसीलदारों के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा गया।
टीकमगढ़:
दुराचार पीड़िता को राहत राशि न मिलने की शिकायत।
दोषी अधिकारी निलंबित, जिला संयोजक पर कार्रवाई प्रस्तावित।
दमोह:
बिजली बिल में गड़बड़ी के मामले में मीटर रीडर की सेवा समाप्त।
जूनियर इंजीनियर की दो वेतनवृद्धि रोकी गई।
अधीक्षण अभियंता पर भी कार्रवाई तय।