
ग्वालियर का गोपाल मंदिर और राधा-कृष्ण का भव्य श्रृंगार
हर साल जन्माष्टमी के मौके पर ग्वालियर का ऐतिहासिक गोपाल मंदिर एक अद्वितीय दृश्य प्रस्तुत करता है। इस दिन भगवान राधा-कृष्ण को खास आभूषणों से सजाया जाता है, जिनकी कीमत करीब 100 करोड़ रुपये आँकी गई है। ये गहने बेहद पुराने और बहुमूल्य हैं, जो सिंधिया रियासत के समय के माने जाते हैं।
इन गहनों में सोना, हीरा, नीलम, माणिक, पन्ना और पुखराज जैसे बेशकीमती रत्न जड़े होते हैं। पूरे वर्ष ये आभूषण बैंक के लॉकर में विशेष सुरक्षा में रखे जाते हैं, और सिर्फ जन्माष्टमी के दिन बाहर निकाले जाते हैं। सुबह-सवेरे कड़ी पुलिस निगरानी में इन्हें कोषालय से मंदिर तक लाया जाता है। गहनों की पूरी तरह से गणना और जांच के बाद राधा-कृष्ण को उनका भव्य श्रृंगार पहनाया जाता है।
इस बार जन्माष्टमी 16 अगस्त को मनाई जाएगी। तैयारियों के तहत मंदिर परिसर के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल मिल सके। प्रशासन की ओर से कई अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति इस दिन की महाआरती में भाग लेंगे।
गौरतलब है कि गोपाल मंदिर की स्थापना करीब 103 साल पहले सिंधिया घराने द्वारा करवाई गई थी, और यह गहने भी उसी परंपरा की सौगात हैं। जब इन आभूषणों से सजे राधा-कृष्ण श्रद्धालुओं के सामने प्रकट होते हैं, तो उनका रूप अत्यंत मोहक और भावविभोर कर देने वाला होता है।