मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात को उस समय हुई जब आतंकियों ने नियंत्रण रेखा (LoC) के पास से भारत में घुसने की कोशिश की। सेना ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की और आतंकियों के इस प्रयास को विफल कर दिया, लेकिन इस दौरान एक जवान को अपनी जान गंवानी पड़ी। शहीद जवान का नाम अभी सामने नहीं आया है।आपको बता दें कि पिछले 13 दिनों में यह तीसरी ऐसी मुठभेड़ है, जिसमें सेना ने आतंकियों के मंसूबों को नाकाम किया है। सेना ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और आतंकियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान जारी है।

1 अगस्त की घटना
- गुप्त सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
- आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग की, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई।
- यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि जंगल में कुल कितने आतंकी छिपे हैं।
28 जुलाई का ऑपरेशन महादेव
- सुरक्षाबलों ने लिडवास के जंगलों में चलाए गए ऑपरेशन महादेव में 3 आतंकियों को मार गिराया।
ये आतंकी पहलगाम में हुए हमले में शामिल थे।

31 जुलाई की घटना
- पुंछ में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास घुसपैठ की कोशिश कर रहे दो और आतंकी मारे गए।
मारे गए आतंकियों का ब्यौरा

- हारिस नजीर: इनके बारे में आपके द्वारा दी गई जानकारी में कोई विस्तृत विवरण नहीं है।
मई में मारे गए 6 आतंकी:
शोपियां में 13 मई को मारे गए:
- शाहिद कुट्टे
- अदनान शाफी
- अहसान उल हक शेख
पुलवामा में 15 मई को मारे गए:
- आमिर नजीर वानी
- यावर अहमद भट
- आसिफ अहमद शेख
- इन मुठभेड़ों के बाद, सुरक्षाबलों को अब बाकी बचे 7 आतंकियों की तलाश है।