कर्नाटक के घने जंगलों में एक रहस्यमयी घटना ने सबको चौंका दिया है। रूसी मूल की एक महिला कई दिनों तक लापता रहने के बाद अचानक स्थानीय ग्रामीणों को जंगल में दिखाई दी। उसकी हालत खराब थी और वह लगातार सिर्फ एक ही बात दोहरा रही थी –
"मुझे मेरे बेटे से मिलवा दो, फिर मैं घर लौट जाऊंगी।"

कैसे मिली महिला?
स्थानीय लोगों के मुताबिक, महिला जंगल के भीतर अकेली घूम रही थी। जब ग्रामीणों ने उससे बात करने की कोशिश की, तो उसने टूटी-फूटी अंग्रेजी में बताया कि वह रूस से भारत आई है और उसका बेटा भारत में है। वह किसी मिशन पर आई थी या किसी से भागकर आई, इस बारे में अभी कोई पुख्ता जानकारी नहीं है।
क्या है महिला की पहचान?
सूत्रों के अनुसार, महिला की उम्र करीब 45 साल है। उसके पास से पासपोर्ट, कुछ विदेशी मुद्रा और एक डायरी बरामद हुई है। डायरी में इज़राइली खुफिया एजेंसी से जुड़े कुछ संदिग्ध नाम लिखे होने की बात सामने आई है, जिससे मामले ने और रहस्य गहरा दिया है।
पुलिस और एजेंसियों की जांच
मामला सामने आते ही पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियां हरकत में आ गई हैं। महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। एजेंसियों को शक है कि यह सिर्फ "खोई हुई महिला" का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या खुफिया ऑपरेशन हो सकता है।
महिला ने क्या कहा?
पूछताछ में महिला लगातार यही कह रही है कि उसका बेटा भारत में है और वह सिर्फ उससे मिलने आई थी। हालांकि, उसने अभी तक बेटे का नाम या लोकेशन स्पष्ट नहीं बताया है।
बड़ा सवाल – इज़राइली कनेक्शन?
जांच में यह बात भी सामने आ रही है कि महिला का संपर्क इज़राइली खुफिया एजेंसी (मोसाद) के किसी व्यक्ति से हो सकता है। डायरी में कुछ हिब्रू (Hebrew) भाषा के शब्द पाए गए हैं, जिससे एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं।
फिलहाल स्थिति
महिला को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां उसकी कॉल डिटेल्स और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच कर रही हैं।