
सोशल मीडिया पर धमकी का मामला, हाईकोर्ट ने जताई चिंता : "ऐसे अपराधों की स्पष्ट श्रेणी ही नहीं"
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने महिलाओं को सोशल मीडिया पर धमकाने और अभद्र संदेश भेजने जैसी घटनाओं पर गंभीर टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि दुर्भाग्य यह है कि ऐसे मामलों में अभी भी सामान्य धाराओं में ही केस दर्ज होते हैं, जो जमानती हैं। परिणामस्वरूप, आरोपी बिना किसी कड़े कानूनी डर के बच निकलते हैं।
कोर्ट ने कहा कि इस कमी के कारण महिलाएं और युवा लड़कियां अक्सर असुरक्षा महसूस करती हैं और लगातार आशंकित रहती हैं। उन्हें ठोस सुरक्षा का आश्वासन नहीं मिलता।
यह टिप्पणी तब आई जब एक युवक ने अग्रिम जमानत याचिका दाख़िल की। युवक पर आरोप है कि उसने एक युवती को सोशल मीडिया पर धमकाया और आपत्तिजनक संदेश भेजे। पीड़िता ने बताया कि करीब छह साल पहले उसकी सगाई उसी युवक से हुई थी, जो बाद में टूट गई। इसके बाद से वह लगातार परेशान कर रहा है।