
मध्य प्रदेश में मतदाता सूची की जांच के लिए कांग्रेस का अभियान तेज, बूथ स्तर पर शुरू होगा सत्यापन कार्य
बिहार में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर उठे सवालों के बीच, कांग्रेस को मध्य प्रदेश की मतदाता सूचियों में भी गड़बड़ियों की आशंका है। इसको गंभीरता से लेते हुए पार्टी ने राज्यभर में मतदाता सूची की बारीकी से जांच कराने का निर्णय लिया है।
कांग्रेस की योजना के अनुसार, 2023 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान मतदाता सूची में हुए बदलावों — जैसे नाम हटाना, जोड़ना या संशोधन — की पूरी तरह से पड़ताल की जाएगी। इसके आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसमें यह जानकारी होगी कि किन नामों में बदलाव किया गया और क्या वह बदलाव उचित था या नहीं।
इस अभियान को जनवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पार्टी ने राज्यभर के हर बूथ पर 65,000 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को तैनात करने की रणनीति बनाई है, जो घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी का मिलान करेंगे और किसी भी प्रकार की विसंगति की पहचान करेंगे।
कांग्रेस का मानना है कि यह कदम राज्य में पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव की दिशा में एक मजबूत पहल साबित होगा।