तीन दशक बाद शाहरुख को मिला सबसे बड़ा फिल्मी सम्मान, 'जवान' ने दिलाया नेशनल अवॉर्ड
अगस्त की शुरुआत शाहरुख खान के प्रशंसकों के लिए बेहद खास बन गई। 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में उन्हें फिल्म ‘जवान’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (Best Actor) का सम्मान दिया गया। यह पल इसलिए और भी अहम हो गया क्योंकि उनके फैन्स को इस दिन का इंतजार लगभग 30 साल से था।
🎬 ‘जवान’ में क्या था खास?
‘जवान’ शाहरुख खान की अब तक की सबसे बड़ी एक्शन फिल्मों में से एक मानी जाती है। इसमें उन्होंने डबल रोल निभाया—एक जवान बेटा और एक रहस्यमयी पिता। दोनों किरदारों में उन्होंने अलग-अलग भावनाएं, गहराई और ताकत दिखाई।
इस फिल्म को सिर्फ एक मनोरंजन प्रधान फिल्म मानना गलत होगा, क्योंकि इसमें कई सामाजिक मुद्दे भी उठाए गए, जैसे कि:
सरकारी भ्रष्टाचार,
किसानों की आत्महत्या,
हेल्थकेयर सिस्टम की खामियां,
और सत्ता का दुरुपयोग।
इन विषयों को लेकर फिल्म का ट्रीटमेंट बेहद सिनेमैटिक लेकिन गंभीर था, और शाहरुख ने उसे अपनी परफॉर्मेंस से उभार दिया।
🏆 पहली बार क्यों?
शाहरुख को इससे पहले ‘स्वदेस’, ‘चक दे इंडिया’, ‘माई नेम इज़ खान’ जैसी फिल्मों में दमदार अभिनय के लिए सराहा गया था, लेकिन उन्हें नेशनल अवॉर्ड कभी नहीं मिला। यह बात खुद शाहरुख ने कई बार इंटरव्यू में भी कही थी कि उन्हें लगता है ‘स्वदेस’ के लिए उन्हें अवॉर्ड मिलना चाहिए था।
‘जवान’ के साथ यह अन्याय अब खत्म हुआ, और उन्हें उनके करियर की सबसे बड़ी मान्यता मिली।
🔥 चर्चा और विवाद
इस फैसले पर फिल्म इंडस्ट्री और सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं:
उनके फैंस इसे “देर से मिला लेकिन हक का इनाम” मान रहे हैं।
कुछ आलोचकों का मानना है कि फिल्म के कमर्शियल टोन के कारण यह फैसला लोकप्रियता के दबाव में लिया गया हो सकता है।
हालांकि, जूरी प्रमुख अशुतोष गोवारिकर और कई फिल्मकारों ने इस फैसले को पूरी तरह सही बताया। उनके अनुसार, शाहरुख का प्रदर्शन पूरी तरह से भावनात्मक गहराई और सामाजिक जुड़ाव को दर्शाता है, जो पुरस्कार के योग्य था।