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टैलेंट ही असली पहचान है

बॉलीवुड में एक नया चेहरा अपनी शुरुआत करने जा रहा है — दिविता जुनेजा, जो फिल्म हीर एक्सप्रेस से डेब्यू कर रही हैं। हाल ही में एक बातचीत में उन्होंने नेपोटिज़्म पर अपनी राय रखते हुए कहा कि शुरुआत में भले ही मौका मिल जाए, लेकिन इंडस्ट्री में टिकने के लिए टैलेंट और मेहनत ही असली पहचान बनाते हैं।

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दिविता जुनेजा की बॉलीवुड में एंट्री

अभिनेत्री दिविता जुनेजा जल्द ही फिल्म हीर एक्सप्रेस के ज़रिए हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। अपनी पहली फिल्म को लेकर वह काफी उत्साहित हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने फिल्म की शूटिंग अनुभव और अपने को-स्टार्स के साथ काम करने को लेकर अपने अनुभव साझा किए। साथ ही, इंडस्ट्री में नेपोटिज़्म जैसे मुद्दों पर भी उन्होंने खुलकर बात की।

आशुतोष राणा संग काम करने को लेकर क्या बोलीं दिविता जुनेजा?

दिविता जुनेजा ने दिग्गज अभिनेता आशुतोष राणा के साथ काम करने के अनुभव को बेहद खास बताया। उन्होंने कहा कि उनके साथ काम करना ऐसा था जैसे किसी बड़ी यूनिवर्सिटी में सीखने का मौका मिल गया हो। दिविता के अनुसार, उन्होंने न सिर्फ अभिनय की बारीकियां सीखीं, बल्कि सेट पर अनुशासन और समर्पण भी समझा।

आशुतोष राणा ने निर्देशक उमेश शुक्ला की सराहना की

फिल्म हीर एक्सप्रेस के सेट पर अभिनेता आशुतोष राणा ने निर्देशक उमेश शुक्ला की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा कि उमेश के निर्देशन में काम करना एक समृद्ध अनुभव रहा। बता दें कि उमेश शुक्ला इससे पहले ओह माय गॉड और 102 नॉट आउट जैसी चर्चित फिल्में बना चुके हैं। मौजूदा दौर में जब कंटेंट आधारित सिनेमा को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है, ऐसे में यह फिल्म भी उम्मीदों पर खरी उतर सकती है।

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नेपोटिज़्म पर क्या सोचती हैं दिविता जुनेजा?

दिविता जुनेजा ने माना कि इंडस्ट्री में कई बार नेपोटिज़्म की बातें सुनने को मिलती हैं। उनका मानना है कि किसी को शुरुआत में एक मौका मिल सकता है, लेकिन लंबे समय तक टिके रहने के लिए टैलेंट और मेहनत ही सबसे ज़रूरी हैं। उन्होंने कहा कि दर्शक सिर्फ नाम से नहीं, बल्कि काम से जुड़ते हैं।

आशुतोष राणा का डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर नजरिया

आशुतोष राणा का मानना है कि टीवी, ओटीटी और सोशल मीडिया — तीनों ही प्लेटफॉर्म्स की अपनी-अपनी अहमियत है। उन्होंने कहा कि फिल्म प्रमोशन के लिए टीवी मददगार होता है, जबकि सोशल मीडिया सीधे दर्शकों से जुड़ने का ज़रिया बन गया है। ओटीटी ने कलाकारों को नए अवसर दिए हैं और कंटेंट को नई पहचान।


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