सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियों और राज्यों से कहा कि वे सर्दियों के आने से पहले अगले तीन हफ्तों में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए उठाए जाने वाले कदमों के बारे में बताएं। यह टिप्पणी दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान की गई, जिसमें पटाखों और पराली जलाने जैसे मुद्दे शामिल थे।मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM), सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों से कहा कि हर साल सर्दियों में प्रदूषण का स्तर खतरनाक हो जाता है, इसलिए समय रहते कार्रवाई करना जरूरी है।कोर्ट ने पराली जलाने वाले किसानों पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा, "जो किसान पराली न जलाने के सरकारी निर्देशों का उल्लंघन करते हैं, उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया जाता? सिर्फ जुर्माना लगाना काफी नहीं है, किसानों को जवाबदेह बनाना जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट ने पराली जलाने के मुद्दे पर सुनवाई के दौरान किसानों को लेकर तीन प्रमुख टिप्पणियां कीं:
- एमएसपी (MSP) से बाहर रखा जाए: कोर्ट ने सुझाव दिया कि जो किसान पराली जलाते हैं, उन्हें मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) के लाभ से वंचित किया जाना चाहिए। कोर्ट का मानना है कि कानून तोड़ने वाले किसानों को आर्थिक रूप से दंडित करना जरूरी है, क्योंकि सिर्फ जुर्माना या चेतावनी पर्याप्त नहीं है।
- मशीनरी और विकल्प दिए जाएं: कोर्ट ने राज्य सरकारों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि किसानों को पराली प्रबंधन के लिए आवश्यक मशीनरी और बेहतर विकल्प उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे पराली जलाने की बजाय अन्य तरीकों का इस्तेमाल कर सकें।
- सख्त कार्रवाई की जाए: कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों को पराली जलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया। हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि सिर्फ किसानों को दोषी ठहराना गलत है और उनकी बात भी सुनी जानी चाहिए।
एजेंसियों में खाली पद भरने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी एजेंसियों और राज्यों को उनके यहां खाली पड़े पदों को भरने का भी निर्देश दिया।
- राज्यों को फटकार: कोर्ट ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान को फटकार लगाते हुए उनके प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों में खाली पड़े पदों को तीन महीने के भीतर भरने को कहा। अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी।
- CAQM और CPCB को निर्देश: कोर्ट ने कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) और सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) को भी उनके यहां खाली पदों को तीन महीने में भरने का निर्देश दिया, जबकि पदोन्नति से जुड़ी भर्तियों के लिए छह महीने का समय दिया गया है।
पराली जलाने पर बढ़ा हुआ जुर्माना
केंद्र सरकार ने 7 नवंबर 2024 को पराली जलाने वाले किसानों पर जुर्माना दोगुना कर दिया था। पर्यावरण मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार:
- 2 एकड़ से कम जमीन: ₹5,000 का जुर्माना।
- 2 से 5 एकड़ तक: ₹10,000 का जुर्माना।
- 5 एकड़ से ज्यादा जमीन: ₹30,000 का जुर्माना।
यह नियम उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में लागू होगा।
