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दुनिया के सबसे शक्तिशाली रॉकेट, स्टारशि, का 10वां टेस्ट टाल दिया गया है।लॉन्च टलने का मुख्य कारण ग्राउंड सिस्टम में आई तकनीकी खराबी है। ग्राउंड सिस्टम का मतलब वे सभी उपकरण और मशीनें हैं जो रॉकेट को लॉन्च करने के लिए ज़मीन पर मौजूद होती हैं।यह लॉन्च अब कल सुबह 5 बजे (भारतीय समयानुसार) निर्धारित है।यह टेस्ट पहले 29 जून को भी टाला गया था।उस समय स्टैटिक फायर टेस्ट के दौरान रॉकेट के ऊपरी हिस्से में धमाका हो गया था, जिसके बाद पूरा रॉकेट आग के गोले में बदल गया था।स्टैटिक फायर टेस्ट में रॉकेट को लॉन्च से पहले ज़मीन पर ही उसके इंजन को चलाकर चेक किया जाता है।

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लॉन्च क्यों टाला गया?

लॉन्च टलने का मुख्य कारण ग्राउंड सिस्टम में आई तकनीकी खराबी है। ग्राउंड सिस्टम का मतलब वे सभी उपकरण और मशीनें हैं जो रॉकेट को लॉन्च करने के लिए ज़मीन पर मौजूद होती हैं।

अगली संभावित लॉन्चिंग कब है?

  • यह लॉन्च अब कल सुबह 5 बजे (भारतीय समयानुसार) निर्धारित है।

पहले भी टल चुका है यह टेस्ट

  • यह टेस्ट पहले 29 जून को भी टाला गया था।
  • उस समय स्टैटिक फायर टेस्ट के दौरान रॉकेट के ऊपरी हिस्से में धमाका हो गया था, जिसके बाद पूरा रॉकेट आग के गोले में बदल गया था।
  • स्टैटिक फायर टेस्ट में रॉकेट को लॉन्च से पहले ज़मीन पर ही उसके इंजन को चलाकर चेक किया जाता है।

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स्टारशिप की खास बातें

  • यह दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स द्वारा बनाया गया है।
  • इसे स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट (ऊपरी हिस्सा) और सुपर हैवी बूस्टर (निचला हिस्सा) से मिलकर 'स्टारशिप' कहा जाता है।
  • इसकी कुल ऊंचाई 403 फीट है।
  • यह पूरी तरह से पुन: प्रयोज्य है, जिससे अंतरिक्ष यात्रा की लागत में भारी कमी आएगी।
  • बूस्टर का व्यवहार: बूस्टर, स्टेज सेपरेशन के बाद एक नियंत्रित दिशा में पलटेगा और फिर 'बूस्टबैक बर्न' शुरू करेगा। इस तकनीक से कम ईंधन का इस्तेमाल होता है, जिससे बूस्टर चढ़ाई के दौरान अधिक ईंधन बचा सकता है और ज़्यादा पेलोड को कक्षा में ले जा सकता है।
  • इंजन का परीक्षण: लैंडिंग के समय एक विशेष इंजन कॉन्फिगरेशन का परीक्षण किया जाएगा। लैंडिंग के अंतिम चरण में जानबूझकर तीन में से एक केंद्र इंजन को बंद कर दिया जाएगा, ताकि यह देखा जा सके कि बूस्टर की मिडिल रिंग में मौजूद दूसरा इंजन लैंडिंग को सफलतापूर्वक पूरा कर सकता है या नहीं।
  • स्टारलिंक सिम्युलेटर: इस मिशन में आठ स्टारलिंक सिम्युलेटर भी शामिल हैं। ये सिम्युलेटर स्टारशिप के साथ सबऑर्बिटल रास्ते पर रहेंगे और रीएंट्री के दौरान इनके नष्ट होने की उम्मीद है।
  • रैप्टर इंजन का प्रयोग: अंतरिक्ष में रैप्टर इंजन को दोबारा चालू करने की भी योजना है।

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    पिछले टेस्ट का हाल: नौवां टेस्ट

  • 28 मई 2025 को हुए नौवें टेस्ट में:
  • लॉन्च के लगभग 30 मिनट बाद स्टारशिप ने अपना नियंत्रण खो दिया था, जिसके कारण यह पृथ्वी के वातावरण में दोबारा प्रवेश करते समय नष्ट हो गया।
  • यह लगातार तीसरा मौका था जब स्टारशिप आसमान में नष्ट हो गया।
  • हालांकि, बूस्टर ने अमेरिका की खाड़ी में सफलतापूर्वक हार्ड लैंडिंग कर ली थी।
  • यहाँ स्टारशिप के छठे टेस्ट से जुड़ी जानकारी को बिना किसी कॉपीराइट उल्लंघन के दोबारा लिखा गया है।

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  • स्टारशिप का छठा टेस्ट: पानी में कराई गई लैंडिंग

  • छठा टेस्ट 20 नवंबर 2024 को सुबह 3:30 बजे हुआ था। उस समय अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी यह टेस्ट देखने के लिए स्टारबेस पहुँचे थे।
  • टेस्ट की प्रमुख घटनाएँ

  • बूस्टर लैंडिंग: इस टेस्ट में बूस्टर को लॉन्चपैड पर वापस पकड़ने की योजना थी। लेकिन, तकनीकी मापदंडों (parameters) के सही न होने के कारण इसे लॉन्चपैड पर उतारने के बजाय पानी में लैंड कराने का निर्णय लिया गया।
  • इंजन का दोबारा चालू होना: स्पेस में स्टारशिप के इंजन को सफलतापूर्वक फिर से चालू किया गया।
  • शिप की लैंडिंग: इसके बाद, स्टारशिप की लैंडिंग हिंद महासागर में हुई।

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