सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में तेज़ी: बेगमबाग में 11 अवैध भवन ढहाए गए
महाकाल मंदिर क्षेत्र के सौंदर्यीकरण और सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को तेज करने के मकसद से उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) ने शुक्रवार को बेगमबाग इलाके में बुलडोज़र चलाया। यह चौथी बड़ी कार्रवाई थी जिसमें भूखंड क्रमांक 15, 18, 29, 59/1 और 65 पर बने कुल 11 मकानों को ध्वस्त कर जमीन पर कब्ज़ा किया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी सुनिश्चित की गई थी।
पिछले चार महीनों में यह चौथी बड़ी बुलडोज़र कार्रवाई है। इससे पहले 23 मई, 11 जून और 29 अगस्त को सात भूखंडों पर बने होटल और मकानों को ध्वस्त किया गया था। अब तक चिह्नित कुल 28 भूखंडों में से 12 पर कब्जा लिया जा चुका है, जबकि 16 भूखंडों पर कार्रवाई अभी बाकी है। अधिकारियों ने कहा है कि जैसे ही कोर्ट से स्टे आदेश हटेंगे, शेष भूखंडों पर भी बुलडोज़र अभियान जारी रहेगा।
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यूडीए सीईओ संदीप सोनी के अनुसार, ध्वस्त किए गए भूखंड क्रमांक 15, 18, 29, 59/1 और 65 क्रमशः शेर बानो नागौरी व शहीदुर्रहमान, सरफराज व मुबारक, मोहम्मद तौसिब, अब्दुल लतीफ और सैय्यद कमर अली, मोहम्मद सिद्धिकी व नासिर अली के नाम पर आवंटित थे।
इन भूखंडों की लीज लगभग 10 साल पहले ही रद्द की जा चुकी थी, लेकिन लंबित अदालत मामलों के कारण कार्रवाई रुकी हुई थी; दो दिन पहले स्टे आदेश हटने के बाद प्राधिकरण ने अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर जमीन पर कब्जा कर लिया।
इससे पहले 23 मई को भूखंड क्रमांक 49 और 55 पर बने आलीशान मकानों, 11 जून को भूखंड क्रमांक 20, 30, 59 और 64 पर बने सात भवनों और 29 जून को भूखंड क्रमांक 19 पर स्थित अंगारा होटल को ध्वस्त किया जा चुका है।
बेगमबाग में अवैध निर्माण पर प्रहार: 28 भूखंडों की लीज रद्द, नियम उल्लंघन का खुलासा
बेगमबाग क्षेत्र के कुल 28 भूखंडों की लीज 11 अक्टूबर 2023 को रद्द कर दी गई थी। ये भूखंड 1980 से पहले केवल आवासीय उपयोग के लिए 30 साल की लीज पर दिए गए थे, लेकिन बाद में नियमों के विपरीत होटल, दुकानें और रेस्टोरेंट बना दिए गए। सर्वे में यह भी सामने आया कि अधिकांश भूखंडधारकों ने लीज का नवीनीकरण नहीं कराया। अधिकारियों ने 35 भूखंडधारकों को नोटिस भेजे थे, जिनके असंतोषजनक जवाब मिलने पर लीज रद्द कर दी गई।
महाकाल मंदिर विस्तार में बेगमबाग का महत्व: अवैध कब्जे हटाए बिना विकास बाधित
बेगमबाग क्षेत्र महाकाल मंदिर के विस्तार और सुंदरीकरण परियोजना का एक प्रमुख हिस्सा है। इस क्षेत्र में पाथवे, पार्किंग, स्मार्ट लाइटिंग, ग्रीन बेल्ट और सुरक्षा व्यवस्था के विकास पर काम किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि अवैध कब्जों के बिना ही यह विकास कार्य सुचारू रूप से पूरा किया जा सकेगा।
महाकाल मंदिर तक पहुँच सुगम: हरिफाटक पुल और नई चौड़ी सड़क परियोजना को मंजूरी
हरिफाटक पुल से नीलकंठ द्वार तक का मार्ग एमपीआरडीसी द्वारा विकसित किया जाएगा, जबकि नीलकंठ द्वार से महाकाल चौराहे तक 360 मीटर लंबा मार्ग नगर निगम बनाएगा। इस परियोजना पर कुल 14 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें भवन और भूखंड अधिग्रहण के लिए 1.5 करोड़ रुपये शामिल हैं। सिंहस्थ समिति और मंत्रीमंडल ने डीपीआर को मंजूरी दे दी है, और इसी वर्ष ठेकेदार तय करके निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
साथ ही, 980 मीटर लंबी हरिफाटक पुल की एक शाखा भी बनाई जाएगी, जिसमें रेलवे क्रॉसिंग पर फोरलेन सड़क का निर्माण शामिल है। 371 करोड़ रुपये की इस परियोजना से नया पुल और चौड़ी सड़क बनने के बाद मौजूदा ब्रिज पर दबाव कम होगा और महाकाल मंदिर तक पहुंच और भी आसान हो जाएगी।