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बिना फाइल, बिना इंतज़ार!

उज्जैन पुलिस ने शुरू की ऑन-द-स्पॉट अवॉर्ड व्यवस्था, तुरंत मिलेगा सम्मान

उज्जैन में पुलिस विभाग ने एक नई पहल शुरू की है, जिसके तहत अपने उत्कृष्ट काम के लिए पुलिसकर्मियों को तुरंत ऑन-द-स्पॉट अवॉर्ड और प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। इसके लिए विशेष इनाम आदेश बुक तैयार की गई है। इसी व्यवस्था के तहत पहले दो दिनों में पांच पुलिसकर्मियों को तुरंत सम्मानित किया जा चुका है।

उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि प्रदेश स्तर पर यह पुलिस विभाग में पहला प्रयास है। उन्होंने कहा, “अगर कोई पुलिसकर्मी बेहतर प्रदर्शन करता है, तो उसे उसी समय पुरस्कृत करना हमारी जिम्मेदारी है। इससे उनके मनोबल में बढ़ोतरी होती है।”

इनाम आदेश बुक में यह भी दर्ज किया जाता है कि किसी पुलिसकर्मी को किस कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया है। इस रिकॉर्ड के आधार पर पुलिसकर्मियों की विशेषज्ञता श्रेणी भी तैयार की जा रही है। उदाहरण के लिए, साइबर अपराध में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को साइबर एक्सपर्ट की श्रेणी में रखा जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों में उनकी मदद ली जा सके।

पहले की प्रक्रिया

पहले एसपी की अनुमति के बाद स्टेनो पुलिसकर्मी का नाम नोट करता था और फिर नोटशीट के माध्यम से अवॉर्ड प्रक्रिया पूरी होती थी। इस प्रक्रिया में कई बार 10 से 15 दिन लग जाते थे। कभी-कभी नोटशीट खो जाने के कारण पुलिसकर्मी पुरस्कार से वंचित रह जाते थे, और अवॉर्ड मिलने के बाद भी सेवा रिकॉर्ड में एंट्री कई दिनों बाद ही होती थी।

ऑन-द-स्पॉट अवॉर्ड देने वाले पहले पांच पुलिसकर्मी

  • भैरवगढ़ थाने में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान, अपराध निराकरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए एसआई महेंद्र पाल सेंधव को 500 रुपए नकद और इनाम प्रमाणपत्र दिया गया।

  • भैरवगढ़ थाने के हेड कांस्टेबल महेश मालवीय और आरक्षक जीवन कटारिया को क्षेत्र में गुंडों और हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई पर पुरस्कृत किया गया।

  • रात्रि गश्त के दौरान नीलगंगा थाने के आरक्षक वीरसिंह यादव और दामोदर पटेल को चेकिंग पॉइंट पर सक्रियता दिखाने और चाकूबाज को पकड़ने पर 500-500 रुपए नकद और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।

उज्जैन पुलिस की यह पहल न केवल उत्कृष्ट कार्य को मान्यता देती है, बल्कि अन्य पुलिसकर्मियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।


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